
भोरंज (हमीरपुर)। राजकीय माध्यमिक पाठशाला भ्याड़ में छात्रों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है लेकिन शायद विभाग, प्रशासन को चिंता नहीं है। तभी तो खस्ताहाल भवन डिसमेंटल नहीं हो पाया है, जबकि स्कूल प्रबंधन समिति ने दो साल पहले प्रस्ताव पारित कर भवन को गिराने का आग्रह प्रशासन और विभाग से किया था। स्कूल प्रबंधन समिति के पत्र का कोई उत्तर नहीं मिला और न ही कोई कार्रवाई हुई।
भ्याड़ स्कूल में छात्रों को बैठने के लिए पर्याप्त कमरे उपलब्ध हैं लेकिन कमरों के साथ ही दो पुराने कमरे भी स्थित हैं जिनकी हालत खस्ता हो चुकी है। लगभग असुरक्षित हो चुके हैं। कमरों को गिराए जाने के अलावा ओर कोई चारा नहीं है। कमरों की छत से सरिए बाहर निकल चुके हैं, देखकर लगता है कि कभी भी गिर जाएंगे। स्कूल में 44 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन विभाग, प्रशासन को पत्र लिख लंबे समय से अवगत करवा रहा है लेकिन मामले की गंभीरता को समझा नहीं जा रहा। जबकि पिछली सरकार के समय में आदेश जारी हुए थे कि असुरक्षित भवनों को लेकर विभाग तथा प्रशासन त्वरित कार्रवाई करे और निर्णय लेकर डिसमेंटल किया जाए। पर, शायद अब सरकार बदल चुकी है, इसलिए आदेश भी लागू नहीं होते।
ग्राम पंचायत महल के उप प्रधान सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि विभाग तथा प्रशासन को करीब दो साल पहले प्रस्ताव पारित कर भेजा गया था लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। भवन को डिसमेंटल करने को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया। स्कूल प्रबंधन समिति की अध्यक्षा स्नेह लता का कहना है कि स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में समस्या पर विचार-विमर्श किया जाएगा तथा पुन: कदम उठाए जाएंगे।
उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक भूषण मल्होत्रा का कहना है कि समस्या के संबंध में जानकारी हासिल कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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यदि आपके आस पास स्थित स्कूल भवन की हालत खस्ता है, बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। बार-बार आग्रह के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है तो हमें बताएं हम आपकी समस्या को बेहतर ढंग से विभाग के समक्ष उठाएंगे। सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को लेकर आप हमें अपनी प्रतिक्रिया भी भेज सकते हैं। विभाग को सुझाव भी दिए जा सकते हैं, आप हमें निम्न नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
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