भोले-भाले लोग थे शातिरों के निशाने पर

मैहतपुर (ऊना)। लोगों को लूटने के लिए शातिरों द्वारा बिछाए गए जाल के तार यूपी, बिहार और पंजाब से जुड़ गए हैं। शातिरों ने पुलिस के समक्ष प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा किया है कि वे हिमाचल में पहले भी इस तरह की ठगी कर चुके हैं। धरे गए आरोपी यूपी, बिहार और पंजाब राज्य के हैं। शातिरों से बरामद रद्दी के टुकड़ों वाली नोटों की गड्डियों से भी खेल को अंजाम देने के नए तरीके का खुलासा हुआ।
आरोपियो ने पूछताछ में बताया कि बैंकों के आसपास घूमते हुए भोले-भाले लोग उनके निशाने पर रहते हैं। मौक ा पाते ही वे इन लोगों को लूट लेते थे। इनका लूटने का तरीका बेहद अजीबोगरीब रहता है। बैंक में डिपोजिट फार्म भरने में असमर्थ तथा बैंक की खिड़कियाें से डरने वाले भोले भाले लोगों को यह निशाना बनाते हैं। वे उनसे कहते हैं कि आप हमारा कैश संभालो, हम आपके पैसे बैंक में जमा कराते हैं। रुमाल में लपेटकर भोले-भाले लोगों को यह रद्दी वाले नोटों की गड्डी पकड़ाते हैं और कहते हैं कि आप हमारे एक लाख रुपये संभालो, हम आपके 25 हजार जमा कराते हैं। इसके बाद शातिर रुपये लेकर चंपत हो जाते हैं। शातिरों ने पूछताछ में कबूल कर लिया है कि उन्होंने पहले भी ऊना तथा हिमाचल के अन्य इलाकों में कइयों को निशाना बनाया है। पुलिस को शक है कि ऊना में घटी इस तरह की सभी वारदातों में इन्हीं का हाथ है। कुछ दिन गगरेट में बैंक के बाहर एक मजदूर के ऐसे ही शातिरों ने 30 हजार उड़ाए थे। मैहतपुर में भी एक महिला को निशाना बनाकर 25 हजार रुपये उड़ाए थे। ऐसी भी कई ऐसी वारदातें हुई हैं। पुलिस का कहना है कि कुछ दिन पहले वारदात का शिकार हुई महिला पार्वती और गगरेट के मजदूर को भी आरोपियों की शिनाख्त के लिए बुलाया जाएगा।
एडिशनल एसपी वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि आरोपियों से कई खुलासे होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी को जल्द ही दबोच लिया जाएगा।

नहीं तो कई और बनते शिकार
मेन बैरियर पर गाड़ियां चेक नहीं होती हैं। प्रेस अंकित यह गाड़ी बैरियर से काफी आगे निकल गई थी। आरटीओ बैरियर के पास भी चुनाव ड्यूटी पर लगी पुलिस टीम ने नाका न लगाया होता, यह गाड़ी भी आगे निकल जाती और शातिर ऊना में ऐसी कई वारदातों को अंजाम देने में कामयाब हो जाते। इस घटना से अंदाजा लगाया जा रहा है कि ऐसे कई संदिग्ध लोग रोज बैरियर से बेरोकटोक निकल जाते होंगे।

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