
बीजिंग: भारत और चीन ने मध्य एशिया पर अपनी पहली आधिकारिक वार्ता की है जो आतंकवाद निरोध, क्षेत्रीय एवं उर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्र में उनके समान रूख पर केंद्रित रही। भारतीय दूतावास की आज जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि दो दिवसीय वार्ता कल संपन्न हुई और यह सौहार्दपूर्ण तथा दोस्ताना माहौल में हुई।
दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मध्य एशिया के हालात पर चर्चा की जो मध्य एशियाई देशों के साथ राजनीतिक एवं आर्थिक संबंधों पर भारत और चीन के समान रूख पर केंद्रित थी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उनके बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद निरोध, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ), उर्जा सुरक्षा, विकास साझेदारी तथा क्षेत्र के देशों के लोगों के बीच संपर्क जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई।
चीनी पक्ष ने मध्य एशिया के साथ अपने संबंधों पर चीन के विजन की जानकारी भारतीय प्रतिनिधिमंडल को दी जबकि भारतीय पक्ष ने भारत की ‘कनेक्ट सेंट्रल एशिया’ नीति के बारे में विस्तृत रूप से बताया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत और चीन, दोनों ही देश मध्य एशिया के पड़ोस में हैं और क्षेत्र के देशों के साथ उनका करीब राजनीतिक और आर्थिक संबंध है। दोनों देशों ने कहा कि मध्य एशिया क्षेत्र के देशों के साथ मजबूत संबंध उनकी विदेश नीति में एक अहम प्राथमिकता है।
