भारतीय छात्रों ने ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तुत किए शोध कार्य

भारतीय छात्रों ने ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तुत किए शोध कार्य

मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया में शोध अध्ययन कर रहे चार भारतीय छात्रों ने आज एक छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत रसायनशास्त्र, भौतिकी, बायोटेक्नोलॉजी और बायोइन्फॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में प्रमुख उद्योगपतियों के समक्ष अपने अपने शोध प्रस्तुत किए। ये छात्र भारत के बेहतरीन और मेधावी छात्रों को आकर्षित करने वाले छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत यहां अध्ययन कर रहे हैं।

अभिनव, सेवा एवं लघु व्यवसाय मंत्री लुईस एशर ने विक्टोरिया इंडिया डॉक्टोरल स्कॉलरशिप (वीआईडीएस) की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि ये उच्च गुणवत्ता वाले शोध वीआईडीएस की सफलता को प्रमाणित करते हैं जो भारत के बेहतरीन और मेधावी छात्रों को आकर्षित करने में सफल रहा। यह शोध नॉलेज एक्सचेंज समारोह में प्रस्तुत किया गया था।

एशर ने कहा, ‘ये रोमांचक छात्रवृत्ति कार्यक्रम भारत और विक्टोरिया के बीच शिक्षा के क्षेत्र में जुड़ाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।’
उन्होंने कहा कि वीआईडीएस कार्यक्रम के तहत भाग ले रहे भारतीय शोध छात्रों ने विक्टोरिया की विश्वस्तरीय शोध सुविधाओं का लाभ अर्जित किया और प्रांत के शोध व अकादमिक ज्ञान में योगदान दिया।

वर्ष 2012 में स्थापित वीआईडीएस के तहत बेहतरीन भारतीय शोध छात्रों को छात्रवृत्ति के तौर पर 90,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की राशि दी जाती है और विक्टोरिया के मेजबान विश्वविद्यालयों में उनका ट्यूशन शुल्क माफ कर दिया जाता है। अब तक 20 छात्रवृत्तियां प्रदान की जा चुकी हैं जिनमें दस छात्रों ने वर्ष 2012 में पढ़ाई शुरू की थी और अन्य दस ने इस साल पढ़ाई शुरू की है।

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