भाड़े में ही उड़ जाती है आधी कमाई

भल्याणी (कुल्लू)। सेब और सब्जी उत्पादन के लिए विख्यात लगघाटी में अभी तक सरकारें एक सब्जी मंडी तक नहीं खुलवा पाई हैं। लगघाटी में हर साल करोड़ों रुपये का सेब और सब्जी का कारोबार होता है। लेकिन सब्जी मंडी न होने के कारण किसानों और बागवानों को नकदी फसलों के बेचने में खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। आलम यह है कि कमाई की आधी रकम फसल को मंडियों तक पहुंचाने में ही खर्च हो जाती है।
जिला मुख्यालय से सटी लगघाटी 21वीं सदी में भी विकास की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाई है। यहां मूलभूत सुविधाओं का भारी टोटा है। इलाके के सेब और सब्जी उत्पादक आज भी पीठ पर अपने उत्पाद ढोने को मजबूर हैं।
साथ ही बागवानों तथा किसानों को अपने उत्पादों को बेचने के लिए मंडी जिला के तहत आने वाली टकोली सब्जी मंडी या फिर मीलों दूर स्थापित कुल्लू की बंदरोल और भुंतर सब्जी मंडियों का रुख करना पड़ता है।
बागवान किरपा राम पुजारी, किशोरी लाल, महेंद्र ठाकुर, देवेंद्र ठाकुर, मुन्ना ठाकुर तथा देवराज ने बताया कि घाटी में सब्जी मंडी न होने के चलते उन्हें भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इलाके में सालाना सेब तथा भारी मात्रा में हरी सब्जियों का उत्पादन होता है। उन्होंने आने-जाने वाली सरकारों पर क्षेत्र के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है। क्षेत्रवासियों ने सरकार से जल्द से जल्द घाटी में एक सब्जी मंडी खोलने की गुहार लगाई है।
जमीन कर ली है चिन्हित : कश्यप
कुल्लू-लाहौल जिला कृषि विपणन बोर्ड के सचिव प्रकाश कश्यप ने बताया कि हाल ही में बोर्ड के अधिकारियों ने घाटी के सूम्मा बिहाली में जमीन का चयन किया है। जल्द ही कमेटी गठित कर आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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