भाजपा में सीएम पद पर सस्पेंस बरकरार

मुख्यमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा, इसे लेकर दिल्ली भाजपा में घमासान जारी है। इस बीच रविवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भी कोई फैसला नहीं हुआ।

प्रदेश भाजपा में मुख्यमंत्री पद के ऐलान को लेकर रविवार को दिनभर अटकलों का दौर चलता रहा।

शाम को पार्टी मुख्यालय में जैसे ही राष्ट्रीय चुनाव समिति की बैठक शुरू हुई, डॉ. हर्षवर्धन के समर्थन में बाहर नारेबाजी शुरू हो गई।

माहौल तब और गर्म हो गया, जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल बाहर निकले। कहा जाने लगा कि गोयल नाराज होकर बैठक से बाहर निकले हैं, जबकि वे बैठक का हिस्सा थे ही नहीं। वे सिर्फ नेताओं से मिलने पहुंचे थे।

भाजपा मुख्यालय के बाहर जमा समर्थकों को उम्मीद थी कि सीएम पद के लिए डॉ. हर्षवर्धन का नाम तय कर लिया जाएगा। बाहर 15-20 मिनट तक समर्थन में उन्होंने नारेबाजी भी की, लेकिन आखिर में पार्टी महासचिव अनंत कुमार ने बताया कि बैठक छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर थी।

उसके बाद तमाम कयासों पर विराम लग गया। इस तरह सीएम पद की उम्मीदवारी को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है।

दिल्ली को लेकर मोदी व राजनाथ ने किया मंथन
भाजपा में चल रहे घमासान को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व भी चिंतित है, क्योंकि मुख्यमंत्री उम्मीदवार तय करने का दबाव पार्टी पर बढ़ गया है।

भाजपा राष्ट्रीय चुनाव समिति की बैठक खत्म होने के बाद पार्टी के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गहन मंथन किया।

मुख्यमंत्री का उम्मीदवार किसे बनाया जाए, इसे लेकर दोनों करीब आधे घंटे तक माथापच्ची करते रहे। भाजपा सूत्रों के अनुसार, दो दिन के भीतर राष्ट्रीय नेतृत्व दिल्ली को लेकर फैसला कर लेगा।

राष्ट्रीय नेतृत्व यह भी विचार कर रहा है कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा नहीं करके दिल्ली चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष हर्षवर्धन को बना दिया जाए।

एक और थ्योरी
पार्टी मुख्यालय में एक और खबर सुर्खियों में रही। अंदरूनी कलह के बाद नई थ्योरी दी गई है।

दिल्ली भाजपा नेता अब यह विचार करने लगे हैं कि अगर पार्टी डॉ. हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाती है और गोयल इस्तीफा की पेशकश करते हैं तो किसी को कार्यकारी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बना दिया जाएगा।

हालांकि विजय गोयल ने साफ किया है कि वे प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देंगे।

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