भाजपा ने वैश्य व कांग्रेस ने जाटों पर खेला बड़ा दांव

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने मुख्यमंत्री उम्मीदवार के बाद विस क्षेत्र के उम्मीदवारों के मामले में वैश्य समुदाय पर दांव खेला है।

वहीं कांग्रेस ने विधायकों की संख्या में नंबर एक स्थान पर काबिज जाट बिरादरी पर सबसे ज्यादा भरोसा किया है।

भाजपा ने जाटों को दूसरे नंबर पर टिकट दिए हैं, वहीं कांग्रेस की सूची में ब्राह्मण बिरादरी के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर हैं। कांग्रेस की सूची में एक भी राजपूत नहीं है।

इसी तरह भाजपा ने किसी भी यादव को टिकट नहीं दिया।

भाजपा ने पिछले चार विस चुनाव की तुलना में इस बार में वैश्य समुदाय को थोक में टिकट दिए हैं।

इसका मुख्य कारण प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार वैश्य समुदाय से होना माना जा रहा है। भाजपा ने पिछली बार की भांति 10 सीटों पर जाट नेताओं पर भरोसा जताया है।

भाजपा के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (बादल) ने भी अपने चार उम्मीदवारों में से एक टिकट जाट सिख को दिया है।

कांग्रेस ने पिछले चुनाव की तुलना में इस बार वैश्य और सिख समुदाय को भी एक-एक टिकट अधिक दिया, लेकिन ब्राह्मण समुदाय को दो टिकट कम दिए। भाजपा की सूची में एक सिख उम्मीदवार भी कम हुआ है

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