
भगेड़ (बिलासपुर)। मुख्य संसदीय सचिव राजेश धर्माणी ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत औहर पंचायत में लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने घुमारवीं में केंद्रीय विद्यालय खोलने पर बहुत सी अड़चनें पैदा की लेकिन अंतत: केंद्र की मदद से केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं में ही खोला गया।
उन्होंने कहा कि यह केंद्रीय विद्यालय पहले उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के लिए स्वीकृत था लेकिन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह पर इसे घुमारवीं में खोला गया जिसके लिए हम सभी को उनका आभारी होना चाहिए। घुमारवीं में सब्जी मंडी खोलने के लिए 4.35 करोड़ रुपये की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिली थी लेकिन पूर्व भाजपा सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण इस मंडी के लिए डीपीआर तक तैयार नहीं करवाई जा सकी।
धर्माणी ने कहा कि उन्होंने विपक्ष का विधायक होते हुए भी चैरिटेबल संस्थान के माध्यम से डीपीआर तैयार करवाकर घुमारवीं में बहुत सी सड़कों को विधायक प्राथमिकता में डलवाकर निर्माण करवाया। घुमारवीं में अंबेदकर भवन निर्माण जैसे कई विकास कार्यों में पूर्व भाजपा सरकार द्वारा वन भूमि का हवाला देकर इसे ठंडे बस्ते में डाला जाता था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का मुख्य ध्येय ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास करना है। बिलासपुर के लोगों ने देश के लिए जो कुर्बानियां दी हैं तथा बांध निर्माण में भाखड़ा विस्थापितों की कुर्बानी को भी भुलाया नहीं जा सकता। विस्थापितों की समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
इस अवसर पर सैरीकल्चर अधिकारी बलदेव चौहान, पड्यालग पंचायत प्रधान जागीर मैहता, उपप्रधान दीपचंद, पूर्व प्रधान विनोद कुमार, भाग सिंह, रूप सिंह, प्रेम सिंह, अधिवक्ता दिनेश शर्मा, सुरेंद्र पाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। इस मौके पर स्वतंत्रता सेनानी द्रोपदी को सम्मानित किया गया।
