
गगरेट (ऊना)। लोकतंत्र में विपक्ष का हक होता है कि वह सरकार की गलत नीतियों, महंगाई और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए धरना प्रदर्शन करे, लेकिन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर कांग्रेस कार्यकर्ता घटिया राजनीति पर उतर आए हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने की जगह भाजपा नेताओं के पुतले जला रहे हैं। उक्त शब्द गगरेट से भाजपा प्रत्याशी सुनील कालिया ने कहे। उन्होंने वीरभद्र का पुतला जलाने पर भाजपा नेता के खिलाफ केस दर्ज करने पर कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्हाेंने कहा कि पुलिस प्रशासन सत्ता पक्ष का एजेंट बन कर रह गया है क्योंकि एक तरफ जब भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ वीरभद्र का पुतला जलाया गया तो पुलिस ने 15 भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया और उसी जगह और उसी दिन जब युकां कार्यकर्ताओं ने भ्रष्टाचार के आरोप लगने वाले अरुण जेटली, प्रेम कुमार धूमल एवं अनुराग ठाकुर के तीन पुतले जलाए तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जो कि पुलिस की एक तरफा कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने जिला प्रशासन को चेताया है कि अगर भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ केस वापस नहीं लिए गए तो भाजपा उग्र आंदोलन करेगी। इस मौके पर उनके साथ मंडलाध्यक्ष राममूर्ति शर्मा, गुलाब मोहम्मद, संदेश डोगरा, राजीव, राजू, संजीव चड्ढा, अतुल शर्मा, भाजयुमो के मंडलाध्यक्ष अजय ठाकुर, तरसेम सिमी, मोहन लाल, रविकांत आदि उपस्थित थे।
