भाई ने दोषी पर किया हमले का प्रयास

नई दिल्ली। मामले में आठ माह से अपने गुस्से को दबाए बैठे पीड़िता के भाई के सब्र का बांध आखिरकार आरोपी को कम सजा मिलने के बाद टूट गया। फैसला सुनते ही उसने नाबालिग आरोपी पर हमले का प्रयास किया, लेकिन अदालत में मौजूद पुलिस व स्टाफ ने उसे काबू कर बाहर भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता का भाई माता-पिता के साथ फैसले के इंतजार में बाल अदालत में बैठा था। अदालत ने जैसे ही आरोपी को तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई वह अपने पर काबू नहीं रख पाया। बताया जाता है कि फैसला सुनते ही उसकी आंखों में आंसू आ गए और वह नाबालिग की तरफ बढ़ने लगा। उसने अदालत से कहा कि वह फैसले से सहमत नहीं है और उसने नाबालिग को थप्पड़ मारने का प्रयास किया। किसी तरह से नाबालिग ने स्वयं को इस हमले से बचा लिया व अदालत में मौजूद पुलिसकर्मी हरकत में आ गए। उन्होंने तुरंत उसे काबू कर उसे शंात किया व अदालत से बाहर पहुंचा दिया। जब यह घटना हुई तो अदालत में मौजूद पुलिस निरीक्षक ने बाहर खड़े पुलिसकर्मियों को जल्द से जल्द अंदर बुलाया लेकिन बाहर खड़े मीडियाकर्मी उस समय इस माजरे को समझ नहीं पाए। सभी ने समझा संभवत: सुरक्षा कारणों से उन्हें बुलाया गया है।

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