भर्ती नियमों में फेरबदल पर निंदा

सोलन । आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की जिला कमेटी सीटू ने आंगनबाड़ी परियोजनाओं के निजीकरण और सुपरवाइजरों की भर्ती के नियमों में किए गए परिवर्तन की कड़े शब्दों में निंदा की है। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर 27 मई का जिला भर में आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर हड़ताल करने का फैसला लिया है। इस मौके पर कर्मचारी शिमला पहुंच कर सरकार को ज्ञापन भी सौंपेंगे।
इसी संदर्भ में बुधवार को एक बैठक भी आयोजित की गई। जिसमें आंगनबाड़ी कर्मचारी ममता वर्मा ने कहा कि सुपरवाइजरों की भर्ती के लिए 90 प्रतिशत कोटा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आरक्षित था। जिससे सरकार ने कम कर 70 प्रतिशत कर दिया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कई वर्षों अपनी न्यूनतम वेतन देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाए हैं। इसके अतिरिक्त सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र भवन जो किराये पर चल रहे हैं। उनके लिए गांव में 200 और शहरी क्षेत्रों में 500 रुपये की राशि निश्चित की है। महंगाई के समय में पर्याप्त नहीं है। वहीं मकान मालिक इतने कम रुपयों में कमरा देने के लिए तैयार नहीं हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से कि राया देना पड़ता है। यूनियन कार्यकर्ताओं ने जिला के सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से शिमला पहुंचकर हड़ताल में भाग लेने का आग्रह किया है। इस मौके पर लीला वर्मा, उषा शर्मा, प्रोमिला कौंडल, गुरविंद्र कौर, निर्मल कौर, सुमेश्वरी देवी और ममता वर्मा मौजूद रहे।

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