
भोटा (हमीरपुर)। हमीरपुर में आयोजित सेना भरती के लिए युवा जान को जोखिम में डाल रहे हैं। बस की छतों पर सफर किया जा रहा है। चालक-परिचालकों के मना करने पर भी युवा नहीं मान रहे हैं। प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है। नियमों की अवहेलना होने पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। बस की छत पर सफर करना न केवल कानूनी जुर्म है बल्कि किसी भी वक्त हादसा हो सकता है। इससे जान पर भी बन सकती है।
उल्लेखनीय है कि हमीरपुर के बड़ू में ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर के युवाओं के लिए भरती आयोजित की जा रही है। इन जिलों से युवा भरती के लिए पहुंच रहे हैं। संख्या ज्यादा होने के कारण युवाओं को बस की छतों में सफर करना पड़ रहा है। प्रशासन ने भी इनके लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की है। छत पर सफर करने से न केवल नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं बल्कि प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हो रही है। किसी भी वक्त हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन को इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही बस चालकों और परिचालकों को हिदायत देनी चाहिए कि बस की छत पर किसी को न बिठाएं। ट्रांसपोर्टर चंद सिक्कों की खनक के आगे जान को जोखिम में डाल रहे हैं।
लोगों में नरोत्तम दास, मुनीष कुमार, शरण, देशराज, प्रीतम सिंह, सरोज कुमारी आदि ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बसों की छतों पर सफर करने वाले यात्रियों और चालक परिचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
यातायात पुलिस को हिदायत दे दी गई है कि नियमों का पालन करवाएं। बसों में ओवरलोडिंग को रोका जाएगा। इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
-वीना भारती, पुलिस अधीक्षक, हमीरपुर
