
ऊना। जिले में बढ़ रहे पारे के प्रकोप से जहां हर वर्ग परेशानी में है, वहीं इसका सबसे अधिक कहर स्कूलाें में पढ़ने वाले नौनिहालों पर पड़ रहा है। जिन्हें 42 डिग्री तापमान में घरों तक पहुंचना पड़ता है। वहीं, समाज के विभिन्न वर्गों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए स्कूलों की समयसारिणी में बदलाव करने की मांग उठाई है। अभिभावकों का कहना है कि ऊना में भौगोलिक परिस्थितियां शेष हिमाचल से अलग हैं। जिसके चलते यहां हर मौसम अपने प्रभाव से लोगों की मुश्किलों को बढ़ा देता है। अभिभावकों में शमशेर सिंह, राजकुमार, प्रीतम चंद, सुभाष चंद, सुरेश कुमार शर्मा, अनिल ठाकुर और कुलजीत सिंह का कहना है कि पहले भी मौसम की मार के चलते जिला भर के स्कूलों की समयसारिणियां बदली गई हैं। ऐसे में गर्मी के भयंकर प्रकोप को देखते हुए समयसारिणी को बदला जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि स्कूलों का समय सुबह साढ़े 7 बजे से साढ़े 12 बजे तक किया जाना चाहिए।
उधर, शिक्षकों में पीटीएफ के जिलाध्यक्ष विनय शर्मा, कोषाध्यक्ष रवि कुमार, प्रवक्ता महेश शारदा, महेश कुमार ललड़ी, अवतार सिंह, रमन कुमार, राजकीय अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र चंदेल, महासचिव कर्णपाल सिंह मनकोटिया, स्कूल प्रवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष कमल किशोर शर्मा ने भी स्कूलों की समयसारिणी में बदलाव करने की मांग को जायज ठहराया है। उन्होंने माना कि भयंकर गर्मी और कड़कती धूप के बीच छात्रों को स्कूल आना और जाना मुश्किल हो रहा है। उधर, आरंभिक शिक्षा उपनिदेशक निर्मल रानी ने बताया कि इस संदर्भ में यदि अभिभावकों की लिखित मांग उन्हें मिलती है तो इस पर जरूर गौर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्मी के आंकड़ों के संदर्भ में उच्चाधिकारियों को भी सूचित किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं की सेहत को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह सजग है।
