
गोंदपुर बनेहड़ा (ऊना)। यदि इंसान में कुछ करने का जज्बा हो तो वह अपनी मंजिल तक हर हालत में पहुंच जाता है। ऐसा कुछ कर दिखाया है, ऊना जिला के अंब उपमंडल की भद्रकाली पंचायत में टीका वाणदु के वीरेंद्र शर्मा और उर्मिला के घर जन्मे उनके दो बेटों ने। जिन्होंने सच्ची मेहनत और लगन से लेफ्टिनेंट के पद हासिल कर जिला तथा प्रदेश का नाम रोशन किया है। वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके छोटे बेटे नीरज शर्मा ने डीएवी स्कूल दौलतपुर चौक में प्राइमरी शिक्षा हासिल करने के बाद सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में छठी से जमा दो तक शिक्षा हासिल की। वर्ष 2009 में नेशनल डिफें स अकादमी पूना से प्रशिक्षण हासिल करने के बाद आईएमए देहरादून से एक साल का प्रशिक्षण लिया। इस के बाद 14 दिसंबर 2013 की पासिंग आउट परेड में कमीशन पास करने के बाद थल सेना में 16 सिक्ख रेजीमेंट में लेफ्टिनेंट के पद पर दीमापुर असम में नियुक्त हुए। नीरज के पिता वीरेंद्र शर्मा सेना से सेवानिवृत्त हैं और अब गांव में खेतीबाड़ी का कार्य कर रहे हैं। उनकी माता उर्मिला एक गृहिणी हैं। उनका बड़ा भाई रोहित शर्मा भी 2012 में कमीशन पास कर लेफ्टिनेंट के पद पर हैदराबाद में तैनात है। नीरज शर्मा ने युवाओं से आह्वान किया है कि अगर वे अपने जीवन में किसी मंजिल तक पहुंचना चाहते हैं तो उन्हें लगन तथा दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ मेहनत करनी चाहिए। नीरज शर्मा की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। गगरेट क्षेत्र के विधायक राकेश कालिया, चिंतपूर्णी के विधायक एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष कु लदीप कुमार ने भी उनकी इस नियुक्ति पर बधाई दी है। क्षेत्रवासी विजय शर्मा, रमेश कुमार, रविंद्र कुमार, अनिल कुमार, अर्जुन सिंह, भुवनेश ठाकुर, राजेंद्र सिंह, प्रवीण कुमार, रजनी ठाकुर, स्नेह लता, सुरक्षा देवी, अंजना ठाकुर आदि ने कहा कि उन्हें तथा क्षेत्र सभी लोगों को नीरज की कामयाबी पर गर्व है।
