
लंदन: ब्रिटिश जांच समिति ने एक महिला मरीज की जांच के बहाने उससे छेड़छाड़ करने के तीन साल पुराने मामले में आरोपी भारतीय मूल के स्त्री रोग विशेषज्ञ को दुष्कर्म का दोषी पाया है।
अंगामतु अरुणकलइवनन को मरीज की रिपोर्ट में स्तन जांच की बात दर्ज नहीं करने का भी दोषी पाया गया है। समिति ने उसे मेडिकल प्रैक्टिस से एक साल के लिए सस्पेंड भी कर दिया है।
मैनचेस्टर में मेडिकल प्रैक्टिसनर्स ट्रिब्यूनल सर्विस पैनल की प्रेजिडेंट सैंड्रा स्टर्डी ने कहा, ”समिति इसे एक अलग तरह का मामला मानती है। जिस तरह से अंगामतु ने उक्त मरीज के उस अंग की जांच की, वह साफ तौर पर यौन प्रेरित था।”
अरुणकलइवनन 1988 में मद्रास यूनिवर्सिटी से डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद बर्मिंघम में अपना प्राइवेट क्लिनिक चला रहे थे।
