ब्रिज कोर्स पार लगाएगा नौनिहालों की नैया

सोलन। शुरूआती सालों में स्कूल न जा पाने वाले नौनिहालों को उनकी आयु के आधार पर पहली से पांचवीं कक्षा में प्रवेश मिलेगा। इसमें लिखने-पढ़ने की क्षमता और स्तर बाधा नहीं बनेगी। इस बाधा को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष कोर्स (ब्रिज कोर्स) तैयार किया है। इसके माध्यम से छात्रों का स्तर आयु अनुसार कक्षा तक लाया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में नए प्रावधान से ग्रामीण और दुर्गम परिवेश में रहने वाले सैकड़ों छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। खासकर औद्योगिक जिला सोलन में जहां प्रवासियों की तादाद खासी है और सुविधाओं के अभाव में स्लम क्षेत्र के बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। यह कोर्स सर्व शिक्षा अभियान ने प्राथमिक कक्षाओं (एक से पांच तक) के लिए तैयार कर लिया है। माध्यमिक कक्षाओं (छठी से आठवीं तक) के लिए कोर्स तैयार करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा रही है। उधर, सर्व शिक्षा अभियान के कार्यकारी परियोजना अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि निदेशालय स्तर पर इस पर कार्य चल रहा है।

छह माह के भीतर तैयार होगा छात्र
उदाहरण के तौर पर यदि किसी छात्र की आयु आठ वर्ष है तथा वह अभी तक स्कूल नहीं गया है। आयु के अनुसार उसे तीसरी कक्षा में प्रवेश मिलना है। इसके लिए विभाग ब्रिज कोर्स करवाएगा। इसके माध्यम से छात्र के स्तर को तीन से छह माह के अंदर तीसरी कक्षा के लायक बनाया जाएगा। इससे छात्र इस कक्षा के विषय को आसानी से समझ सकेंगे। माध्यमिक स्तर तक की कक्षाओं (14 वर्ष तक आयु) के लिए यह प्रावधान लागू हो रहा है।

कागजों में ओके, हकीकत चिंतनीय
कागजों में जिला सोलन में ड्राप आउट रेट मतलब स्कूल न जा पाने वाले बच्चों की संख्या नाममात्र है, लेकिन श्रमिकों के रूप में प्रवासियों की संख्या अत्यधिक है। सर्व शिक्षा अभियान में इस लेबर क्लास को सम्मिलित नहीं किया जाता है। महज पंजीकृत लेबर या स्थायी निवासियों को ही इसमें शामिल किया जाता है। हाल ही में एक निजी संस्था ने भी सर्वे करके स्कूल न जा पाने वाले बच्चों को लेकर चिंता व्यक्त की। इसकी रिपोर्ट उपायुक्त के माध्यम से सरकार को सौंपी जानी है।

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