
काईस (कुल्लू)। ब्यास किनारे बसे हजारों लोगों को बरसात में अब किसी तरह का खतरा नहीं रहेगा। बरसात के दिनों में भूस्खलन और बाढ़ का लोगों को अक्सर खतरा बना रहता है। इसके लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ब्यास नदी के दोनों ओर पलचान से लारजी तक 70 किलोमीटर लंबी बाढ़ नियंत्रण दीवार का निर्माण करेगा। करोड़ों रुपयों से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इन दिनों सर्वेक्षण का कार्य जोरों पर है। विभाग ने 25 नवंबर तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। केंद्रीय जल एवं ऊर्जा अनुसंधान स्टेशन पुणे के तकनीकी सहयोग से इस प्रोजेक्ट को गति मिलेगी। जल्द ही आईपीएच विभाग सर्वे रिपोर्ट तैयार कर ऊर्जा अनुसंधान केंद्र को सौंप देगा। तकनीकी स्वीकृति मिलते ही विभाग अगली प्रक्रिया आरंभ करेगा। आईपीएच विभाग कुल्लू के अधीक्षण अभियंता प्रियवत वैद्य ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने से ब्यास नदी के किनारे बसे हजारों लोगों को बाढ़ में बह जाने का डर नहीं सताएगा। इसके लिए प्रपोजल तैयार कर तमाम औपचारिकताएं पूरी कर इसकी रिपोर्ट मंजूरी के लिए सरकार को भेजी जाएगी।
