
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस उन जगहों की पहचान कर रही है जहां मेवाती गिरोह किसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। साथ ही उन रास्तों की पहचान की जा रही है जहां से मेवाती गिरोह के सदस्य दिल्ली व एनसीआर में प्रवेश करते हैं। इसके लिए दिल्ली, फरीदाबाद, गुड़गांव व नोएडा पुलिस ने आपस में हाथ मिला लिया है।
दक्षिण जिला डीसीपी बीएस जयसवाल ने बताया कि दिल्ली में उन जगहों की पहचान की जा रही है जहां मेवाती वारदात कर चुके हैं। ऐसी जगहों का एक वर्ष का आपराधिक वारदातों का डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद इन जगहों पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। मेवाती गिरोह के सदस्य दिल्ली व अन्य शहरों में प्रवेश नहीं कर सकें इसके लिए दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद और नोएडा पुलिस ने हाथ मिलाया है। सभी राज्यों की पुलिस अफसरों को मिलकर एक कोर ग्रुप बनाया गया है। सभी पुलिस आपस में मिलकर संयुक्त रूप से पुलिस चेकिंग करेंगे। बॉर्डर इलाकों में एंटी मेवाती पिकेट लगाई जाएंगी।
एनएच-8 पर रजोकरी, भाटी माईंस, आया नगर और बदरपुर आदि बॉर्डरों पर एंटी मेवाती पिकेट लगाई जाएंगी। एंटी मेवाती पिकेट चेकिंग के दौरान मेवाती गिरोह के सदस्य जिस तरह के ट्रक व विक्रम आदि जिस तरह के वाहनों में आते हैं उन वाहनों की विशेष रूप से चेकिंग की जाएगी। डीसीपी बीएस जयसवाल ने बताया कि दिल्ली पुलिस के वाहनों पर भी आगे के शीशे पर जालियां लगाईं जाएगी, ताकि मेवाती गिरोह के पथराव आक्रमण से बचा जा सके। अहम है कि बीते कुछ वक्त के दौरान मेवाती गिरोह के सदस्य दिल्ली में कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। साथ ही कई पुलिसकर्मियों की घायल कर चुके हैं।
