बैसाख संक्राति में देवता के आगे नतमस्तक हुए लोग

भुंतर(कुल्लू)। बैसाख संक्रांति की देवभूमि में धूम रही है। जिला भर के देवालयों में अपने कुलज देवी देवताओं के दर्शन के लिए सुबह से ही लोगों को तांता लगा रहा। वहीं जिला के धार्मिक स्थलों के गरम चश्मों व संगम स्थलों पर लोगाें ने बैसाख का शाही स्नान कर पुण्य कमाया है। देवी देवताओं के जयकारों से गूंजे घाटी देवालयों में लोग नतमस्तक होकर सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।
घाटी के अधिष्ठाता देवता बिजली महादेव परंपरा का निर्वहन करते हुए सोमवार को जिया विरशु मेले में भाग लेने के लिए भ्रैण गांव से रस्सी के सहारे जिया पहुंचे हैं। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए जहां भ्रैण गांव में लोगों का भारी हुजूम उमड़ा तो वहीं जिया में भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। देवत्व के कारदार अमरनाथ ने बताया कि देवता हर साल इस परंपरा को निभाते हैं। जिया गांव में देवता का विरशु मेला मनाया जाता है। इसमें भाग लेने के लिए देवता पहाड़ी से रस्सी के सहारे उतरकर जिया पहुंचते हैं। भ्रैंण गांव के मदन लाल, तारा चंद,शंभू, डाबे राम, टेक राम, आलम चंद ,बुद्धि सिंह तथा होतम राम ने बताया कि यह नजारा भव्य और अद्भुत है।

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