बेहतर कार्य कर रही सोसायटियां

हमीरपुर। सहकारी सोसायटियां बेहतर कार्य कर रही हैं। इन्हें और प्रोत्साहन देने की जरूरत है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कही। प्रेम कुमार धूमल जिला स्तरीय 60वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि भाग ले रहे थे।
धूमल ने कहा कि प्रदेश में 1892 में कोऑपरेटिव सोसायटी शुरू हुई थी। इसके बाद सोसायटियों का प्रदेश में विस्तार होता गया जो आज काफी फैल चुका है। उनके कार्यकाल में जिला हमीरपुर में 29 करोड़ 94 लाख रुपये के ऋण सोसायटियों से वितरित किए गए थे। 25 करोड़ 42 लाख रुपये वसूले गए थे। सेल्समैन भी सोसायटी के लाभ की अहम कड़ी है। जो सोसायटी लाभ में चलेगी, उसके सेल्समैन को भी लाभ दिया जाएगा। कार्यक्रम में देशराज शर्मा, प्यारे लाल शर्मा, रविंद्र पटियाल, अजीत चौहान, अजुध्या भारद्वाज, विजय पाल सोहारू, हरीश गौतम, चमन चोपड़ा, राजेश पटियाल, सुरेश चौहान आदि मौजूद रहे।

कुठेड़ा सोसायटी जिलाभर में प्रथम
सबसे अधिक कारोबार करने में कुठेड़ा सोसायटी जिलाभर में अव्वल रही। बल्डूहक सोसायटी दूसरे और ऊटपुर सोसायटी तीसरे स्थान पर रही है। जोन स्तर पर टौणीदेवी जोन में टौणी देवी सोसायटी पहले, गवारडू़ दूसरे, स्वाहलवा तीसरे, नादौन जोन में बड़ा पहले, चिल्लियां दूसरे, दंगड़ी तीसरे, बिझड़ी जोन में मैहर पहले, बड़ाग्रा दूसरे, लाहलड़ी तीसरे, बड़सर जोन में ननांवा पहले, बणी दूसरे, करबाड़ तीसरे और सुजानपुर जोन में चौरी पहले, पटलांदर दूसरे, चमियाणा तीसरे स्थान पर रही। भोरंज जोन से बस्सी पहले, अमनेड़ दूसरे, भ्याड़ तीसरे और हमीरपुर जोन से झनियारा पहले, मझोग दूसरे और सेर बलौणी सोसायटी तीसरे स्थान पर रही।

कैबिनेट के फैसले बने हैं मजाक
धूमल ने कहा कि एक मंत्री 500 नई एचआरटीसी बसें खरीदने की घोषणा करता है। दूसरा मंत्री 800 तो स्वयं मुख्यमंत्री एक हजार नई बसें खरीदने की घोषणाएं करते हैं। प्रदेश में एक भी नई एचआरटीसी की बस कांग्रेस कार्यकाल में सड़कों पर नहीं दौड़ी है। ऐसे में कैबिनेट के फैसले जनता में मजाक मात्र बनकर रह गए हैं।

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