बेसिक में समायोजित करें 50 फीसदी डीए

चैलचौक/करसोग (मंडी)। चैलचौक के ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मांगों के समर्थन में ग्रामीण डाक सेवकों ने भी कामकाज ठप रखा। नियमित कर्मचारियों ने ड्यूटी पर आकर अपना काम किया। लेकिन शेष काम प्रभावित रहा। ग्रामीण डाक सेवकों का कहना है कि 1996 के वेतनमान में 5 प्रतिशत की वृद्धि के बाद आज तक उन्हें उसी वेतन से गुजारा करना पड़ रहा है। कमर तोड़ महंगाई को देखते हुए उन्हें 50 प्रतिशत डीए दिया जाना चाहिए। ग्रामीण डाक सेवक संगठन सचिव परम देव धीमान ने बताया कि चच्योट जोन के 35 शाखा कार्यालयों के ग्रामीण डाक सेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती तब तक डाक सेवक हड़ताल पर रहेंगे।
उन्हाेंने कहा कि केंद्र सरकार और डाक विभाग से बार-बार मांग की जा रही है कि ग्रामीण डाक सेवकों को नियमित किया जाए। 100 प्रतिशत डीए का 50 प्रतिशत बेसिक वेतनमान में मर्ज करें, करुणामूलक आधार पर मृतक कर्मचारियाें के आश्रितों को नौकरियां प्रदान करें। इस अवसर पर शाला ब्रांच ऑफिस से चमन लाल, कोट के ईश्वर दास, चच्योट से गोविंद राम, चैलचौक से जय प्रकाश, गोहर से ईश्वर दास और शिल्हणु के छज्जु राम मौजूद रहे। अखिल भारतीय डाक सेवक कर्मचारी संघ की करसोग इकाई ने बुधवार को मुख्य डाक घर करसोग से बाजार होते एसडीएम कार्यालय तक जुलूस निकाला। डाक सेवकों ने मांगों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के चलते डाकघर बंद रहने से लोगों को भारी परेशानियाें का सामना करना पड़ा। करसोग और सुंदरनगर उपमंडलीय सचिव योगराज ठाकुर ने बताया कि डाक सेवक तब तक काम पर नहीं लौटेंगे जब तक उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जाता।

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