
कीर्तिनगर। डागर पट्टी के गांवों के 600 बीपीएल परिवारों को मिलने वाले राशन में प्रति कार्ड पांच किलो राशन का गोलमाल किया जा रहा है। जबकि जिलापूर्ति अधिकारी गांव में बीपीएल परिवारों का राशन समय से पूरा मिलने की बात कह रहे हैं।
डागर पट्टी के जाखी, गवाणा, बैज्वाड़ी, कोठार, कोटी ग्वाड़ टोला सहित कई गांव में सरकार से बीपीएल परिवारों को मिलने वाले राशन केे वितरण में धांधली की जा रही है। भाजपा शासन में प्रति बीपीएल परिवारों के लिए 11 किलो गेहूं और 24 किलो चावल देने का मानक तय किया गया था, लेकिन डागर पट्टी की जनता को इस योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग और सरकारी राशन विक्रेताओं की मिलीभगत से बीपीएल परिवाराेें को 10 किलो गेहूं और 20 किलो चावल ही वितरित किया जा रहा है। प्रति कार्ड पर एक किलो गेहूं और चार किलो चावल की हेराफेरी की जा रही है। पूर्व प्रधान भगत सिंह नेगी और डागर के दर्शन सिंह महर ने कहा कि राशन विक्रेता कार्ड में तो पूरा राशन दिखा रहे हैं लेकिन प्रति कार्ड से पांच किलो राशन कम कर देते हैं। उनसे इस संदर्भ में बात की तो वह गोदाम से ही राशन कम मिलने की बात करते हैं।
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विभाग नहीं करता कार्रवाई
– राशन विक्रेता पांच किलो राशन कम दे रहे हैं, जिसकी जानकारी विभाग को दी गई है, लेकिन विभाग सरकारी गल्ला विक्रेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। – चंदा देवी ग्राम प्रधान जाखी।
पूरी हो रही आपूर्ति
– प्रति माह गोदाम से राशन का पूरा वितरण हो रहा है यदि सरकारी गल्ला विक्रेता राशन कम दे रहें तो उन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। – निधि रावत, जिला खाद्यपूर्ति अधिकारी टिहरी।
इतने कुंतल राशन हो रहा गोलमाल
पट्टी में कुल 600 बीपीएल कार्डों हैं और प्रत्येक कार्ड पर पांच किलो की कटौती हो रही है। चावल में चार किलो की कटौती के हिसाब से विक्रेता चावल 2400 किलो (24 कुंतल) प्रतिमाह और एक किलो गेहूं में कटौती से गेहूं 600 किलो (6 कुंतल) का गोलमाल कर रहे हैं। पट्टी में कुल 13 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें हैं।
