
पतलीकूहल (कुल्लू)। विकास खंड नग्गर के बीडीओ और बीडीसी सदस्यों के बीच हुई तकरार ने तूल पकड़ लिया है। बीडीसी सदस्यों का कहना है कि बीडीओ उनके विकासात्मक कार्यों में अड़ंगा अड़ा रहे हैं। ताजा विवाद में बीडीओ दफ्तर के मीटिंग हाल में माइक्रो फोन और माइक लगाने को हुआ। बताया जा रहा है कि बीडीओ ने बीडीसी सदस्यों से इस सिलसिले में जिला स्तर के अधिकारियों से परमिशन लेने को कहा। लेकिन परमिशन मिलते ही वे प्रदेश स्तर के अधिकारियों से परमिशन लाने की बात कहने लगे।
बीडीसी सदस्यों का कहना है कि यदि प्रदेश स्तर के अधिकारियों से परमिशन चाहिए थी, तो उन्हें पहले ही इस बारे में बता दिया जाता। नग्गर पंचायत समिति के अध्यक्ष चालचंद ठाकुर ने कहा है कि बीडीओ अक्सर उनकी योजनाओं पर पानी फेरते आए हैं। हर बात में नुक्स निकालना उनकी आदत बन गई है। लेकिन अब तो पानी सिर से ऊपर हो गया है। ऐसे में 17 सितंबर को होने वाली बैठक का बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सीएम वीरभद्र सिंह, विधायक गोविंद ठाकुर और कर्ण सिंह को भी पत्र भेजा है। इसमें गुहार लगाई गई है कि जब तक बीडीओ का तबादला नहीं किया जाता बीडीसी सदस्य बैठक का बहिष्कार जारी रखेंगे।
बीडीओ जीसी बैंस का कहना कि बीडीसी सदस्यों ने माइक्रोफोन लगाने की कोई लिखित स्वीकृत नहीं ली है। डीपीओ पंद्रह हजार रुपये तक की राशि मंजूर कर सकता है। सदस्य 75 हजार के माइक्रोफोन लगवा रहे थे। इसकी स्वीकृति शिमला निदेशालय से ही मिल सकती है। इसके साथ ही उन्होंने अन्य आरोपों को भी गलत बताया।
