
हमीरपुर। आमजन की सुविधा के लिए लाखों खर्च कर नगर निकायों में हाई मॉस्ट लाइटें लगाई गई थीं लेकिन ये लाइटें सफेद हाथी साबित हो रही हैं। भारी भरकम बिल से डरे नगर निकायों ने लाइटों को जलाना ही बंद कर दिया है। निकायों की ओर से तर्क दिया जाता है कि लाइटों को जलाने से बिजली का बिल अधिक आता है। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त धनराशि से हमीरपुर नगर परिषद क्षेत्र, सुजानपुर और नादौन नगर पंचायत में कुल नौ लाइटें लगाई गई थीं। इन पर 25 से 30 लाख रुपए की राशि खर्च हुई थी। हमीरपुर नगर परिषद में चार, सुजानपुर नगर पंचायत में चार तथा नादौन नगर पंचायत में एक लाइट लगाई गई है। नगर निकायों की मानें तो वे बिजली के बिल से डरे हुए हैं तथा लाइटों को न जलाने की मुख्य वजह भी भारी भरकम बिजली बिल ही हैं।
कहां-कहां लगी हैं लाइटें
हमीरपुर नगर परिषद में भोटा चौक, सब्जी मंडी के नजदीक, उपायुक्त कार्यालय परिसर के साथ तथा अणु चौक में हाई मास्ट लाइट लगाई गई है। इनमें से केवल सब्जी मंडी के पास स्थित लाइट ही नियमित रूप से जलती है। अन्य हाई मास्ट कभी कभार ही जलती हैं। सुजानपुर नगर पंचायत में हाई मास्ट लाइट बस स्टैंड, नगर पंचायत कार्यालय, कला मंच तथा पीएनबी बैंक के नजदीक लगाई गई है। इनमें से केवल नगर पंचायत कार्यालय के पास लगी लाइट ही जलती है। अधिकांश लाइटें बंद रहती हैं। नादौन में इंद्रपाल चौक पर हाई मास्ट लाइट लगाई गई है, लेकिन अधिकांश समय लाइट बंद रहती है।
क्या कहते हैं प्रतिनिधि
हमीरपुर नगर परिषद अध्यक्ष दीप कुमार बजाज का कहना है कि लाइटों में कुछ खराबी है। कांट्रेक्ट हो गया है, जल्द ही लाइटें ठीक करवा दी जाएंगी। सुजानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज ठाकुर का कहना है कि लाइटें न जलाने के कारणों के बारे में पता किया जाएगा तथा समस्या का समाधान किया जाएगा।
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