
थानाकलां (ऊना)। लगातार बढ़ते पारे ने बुढ़वार पंचायत के ग्रामीणों के लिए पेयजल संकट पैदा कर दिया है। ग्रामीण पानी के जुगाड़ के लिए दिन-रात भटक रहे हैं। प्राकृतिक जलस्रोतों पर जमघट लगा हुआ है। ग्रामीणों में केवल किशोर, जगत राम, मिल्खी राम, देव कुमार धीमान, रुलिया राम, सीता राम, विद्या देवी, तेजा राम, नंद लाल, नरेश कुमारी, विपिन कुमार, उर्मिला देवी का आरोप है कि विभाग की ओर से लगाए गए नलों में दस दिन से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाई है। गांव में विभाग की ओर से लगाए गए दोनों हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। वे इसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों से भी कर चुके हैं, लेकिन उन्हें पेयजल उपलब्ध नहीं करवाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रदेश सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए करोड़ों की योजनाएं कुटलैहड़ क्षेत्र में आरंभ की गई हैं, लेकिन गर्मियों का आगमन होते ही यह परियोजनाएं अक्सर हांफ रही हैं। पानी की वितरण प्रणाली में कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। इनका कहना है कि किसी गांव में पानी की सप्लाई तीन-तीन घंटे दी जा रही है एवं किसी गांव में आधा घंटा भी पानी नहीं दिया जा रहा है। भीषण गर्मी के चलते गांव में पानी के प्राकृतिक स्रोत सूखने की कगार पर हैं। पानी के लिए उन्हें कु ओं एवं बावड़ियों पर डेरा जमाना पड़ रहा है। बुढ़वार के ग्रामीणों ने प्रशासन से टैंकराें के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग की है। इस संबंध में आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता जुगल किशोर का कहना है कि गांव में पानी न पहुंच पाने की जानकारी उन्हें नहीं हैं। यदि समस्या है तो शीघ्र इसे हल कर दिया जाएगा।
