बिना रेत-बजरी रुका मकानों का निर्माण

केलांग। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के आम लोगों को रिहायशी मकान बनाने के लिए रेत बजरी ढूंढे नहीं मिल रहा। इसके चलते लोगों में सरकार के प्रति भारी रोष है। ज्ञान विज्ञान समिति के पूर्व अध्यक्ष सीपी सहगल और वारपा के पूर्व प्रधान सुरेंद्र ने कहा कि मात्र चार माह के सीजन में भी अगर रेत बजरी नहीं मिली तो लोगों को निर्माण कार्य पूरा करवाने में दिक्कतें पेश आएंगी।
उन्होंने कहा कि जिले में कई लोग अपने पुराने मकानों को उखाड़कर नए मकान बना रहे हैं। लेकिन रेत बजरी नहीं मिलने से उनके मकानों का काम रुका पड़ा है। इस कारण अब उन्हें मकान के समय पर न बनने का डर सताने लगा है। विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि जनता की जायज मांग प्रदेश सरकार के ध्यान में लाई जाएगी। कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे हाईकोर्ट में वन अधिनियम और पेसा अधिनियम के तहत दिए जाने वाले विशेषाधिकार के लिए याचिका दायर करेंगे।

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