
रानीखेत। बिना परिचय पत्र के कोई भी साइबर कैफे में प्रवेश नहीं कर सकता, साथ ही नाबालिगों को भी अकेले कैफे में आने पर मनाही होगी। निरंतर बढ़ रहे साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट रवि झा ने नगर से ही पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट 2000 के तहत नगर में संचालित साइबर कैफे चिह्नित कराकर कैफे स्वामियों को कोतवाली में हर हाल में पंजीकरण कराने को कहा है।
संयुक्त मजिस्ट्रेट रवि झा का कहना है कि धीरे-धीरे पर्वतीय क्षेत्रों में भी साइबर क्राइम बढ़ रहे हैं। दो माह पहले एक मोबाइल विक्रेता से 80 हजार रुपये ठग लिए गए, साथ ही कई अन्य घटनाएं भी बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सूचना प्रोद्योगिकी एक्ट 2000 के तहत अब नगर के साइबर कैफे स्वामियों को कोतवाली में पंजीकरण कराना होगा, बिना परिचय पत्र के उपभोक्ताओं को कैफे का इस्तेमाल नहीं करने देना होगा। लॉग रजिस्टर में सभी उपभोक्ताओं के नाम और पते उपलब्ध कराने होंगे। बिना व्यस्क व्यक्ति के नाबालिगों को प्रवेश देना वर्जित है। उन्होंने कहा कि लॉग रजिस्टर में किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं मिलनी चाहिए। इसके अलावा एक्ट के तहत ही कैफे का डिजाइन तय होना चाहिए। यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो निर्धारित धाराओं के तहत साइबर कैफे स्वामी के खिलाफ कार्रवाई होगी। नगर में नौ साइबर और कम्प्यूटर सैंटर हैं। सभी को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।
