बिझड़ी में 4 हजार नए परिवारों के नहीं बने राशनकार्ड

बड़सर (हमीरपुर)। बिझड़ी ब्लाक के लगभग चार हजार नए परिवारों के राशनकार्ड नहीं बने हैं। तीन चार साल से अलग हुए परिवारों को नए राशनकार्ड बनाने के लिए पंचायत कार्यालय में चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। पंचायतों ने नए राशनकार्ड की डिमांड भी भेजी है लेकिन डिमांड के बावजूद राशनकार्ड नहीं मिल रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, उपभोक्ताओं ने नए राशनकार्ड बनाने की मांग की। क्षेत्र की बड़सर, बल्याह, ग्यारह ग्रां, पथलयार, बणी, भकरेड़ी, टिप्पर, दांदडू, जौड़े अंब, चकमोह, जजरी सहित ब्लाक की लगभग सभी पंचायतों में अलग हुए परिवारों ने नए राशनकार्ड के लिए आवेदन किया है।

क्या है पंचायतों में स्थिति
बल्याह पंचायत के उपप्रधान प्रवीण कुमार ने बताया कि पंचायत में अलग हुए लगभग 70 परिवारों ने नए राशनकार्ड के लिए आवेदन किया है। बड़सर पंचायत उपप्रधान राम आसरा के मुताबिक उनकी पंचायत में लगभग 100 उपभोक्ताओं ने नए राशनकार्ड को आवेदन किया है। भकरेड़ी पंचायत प्रधान राजिंद्र बन्याल ने बताया कि पंचायत में 50 उपभोक्ताओं ने नए राशनकार्ड को आवेदन किया है। ग्यारह ग्रां पंचायत प्रधान बीना शर्मा ने बताया कि 70 उपभोक्ताओं ने नए राशनकार्ड के लिए आवेदन किया है। बिझड़ी पंचायत की 48 पंचायतों में अलग हुए परिवारों को तीन से चार साल हो चुके है लेकिन आज दिन तक नए राशनकार्ड नहीं बने हैं। 48 पंचायतों में औसतन 4000 से अधिक परिवारों ने नए राशनकार्ड को आवेदन किया है।

क्या कहते हैं, लोग व पंचायत प्रतिनिधि
क्षेत्र के उपभोक्ताओं शक्ति चंद, अमरदास, राज कुमार, संतोष कुमारी, रविंद्र कुमार, देश राज, मुकेश कुमार ने बताया कि उन्हें तीन से चार साल अलग होने के बावजूद राशनकार्ड नहीं बन रहे हैं। सरकार के सस्ते राशन के लाभ की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। टिप्पर पंचायत प्रधान अजीत सिंह, कनोह पंचायत प्रधान मीना कुमारी, पथलयार प्रधान सीमा देवी, जौड़े अंब प्रधान कांशी राम, ग्यारह ग्रां पंचायत बीना शर्मा, झंझयाणी पंचायत प्रधान सुनीता देवी, उपप्रधान विक्रम सिंह ने पंचायतों को नए राशन कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की है।
उधर, खाद्य आपूर्ति विभाग कार्यालय बड़सर के इंस्पेक्टर ने बताया कि ब्लाक की पंचायतों में लगभग 3 से 4 हजार राशनकार्ड की डिमांड आई है। नए राशनकार्ड उपलब्ध होते ही पंचायतों को भेज दिए जाएंगे।

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