
काजा/केलांग। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के प्रस्तावित दौरे से ठीक तीन दिन पहले बिजली-पानी और सड़क को लेकर भाजपा ने स्पीति में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस शासन में जनजातीय हलके में मूलभूत सुविधाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। इसके विरोध में भाजपा ने शुक्रवार को एडीसी कार्यालय काजा के बाहर अनशन शुरू कर दिया है। जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लोबजंग ज्ञलसन ने कहा कि रोहतांग दर्रा बहाल हुए करीब एक माह का समय होने जा रहा है, लेकिन कुंजम दर्रा को अभी तक बहाल नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि कुंजम दर्रा बहाल नहीं होने से स्पीति के पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचने के साथ ही यहां की आम जनता को कुल्लू-मनाली जाने के लिए वाया किन्नौर होकर करीब पांच सौ किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। लोबजंग ने कहा कि घाटी में बिजली की आपूर्ति कई महीनों से सुचारु नहीं है। जबकि, स्पीति घाटी के अमूमन हर गांव में पेयजल के साथ ही सिंचाई के लिए पानी का संकट है। उन्हाेंने कहा कि प्रशासन पर न तो विधायक और न ही सरकार का नियंत्रण है। आरोप लगाया कि प्रशासन जनता की समस्याओं को दरकिनार कर रही है। कांग्रेस शासन में स्पीति घाटी की जनता बेहाल है। उन्हाेंने बताया कि शुक्रवार को क्रमिक अनशन पर पूर्व टीएसी मेंबर राजेंद्र के साथ भाजपा के छह कार्यकर्ता बैठे। शनिवार को लोबजंग खुद अनशन पर बैठकर प्रशासन और सरकार को जगाने की कोशिश करेंगे। उधर, इन्हीं मुद्दों को लेकर स्पीति के पंचायत प्रतिनिधियों का अनशन भी जारी है।
