बिखरी नजर आ रही है भाजपा

दिल्ली चुनाव में महज 43 दिन बाकी हैं, लेकिन मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा बिखरी हुई नजर आ रही है।

सीएम पद की उम्मीदवारी को लेकर चल रहे विवाद के कारण ज्यादातर नेताओं ने पार्टी कार्यालय से दूरी बना ली है।

यहां तक कि वे अपने क्षेत्र में भी चुनाव प्रचार को लेकर कम नजर आ रहे हैं।

दिल्ली भाजपा में सीएम पद की उम्मीदवारी को लेकर चल रहे घमासान के कारण पार्टी में कई धड़े दिखाई दे रहे हैं।

प्रदेश टीम पूरी तरह बिखरी नजर आ रही है। प्रदेश अध्यक्ष के मंच पर भी टीम के कई नेता आने से कतराने लगे हैं।

इसका अंदाजा इस बात से लग सकता है कि प्रदेश की टीम में 10 उपाध्यक्ष, चार महामंत्री, 10 मंत्री और आधा दर्जन से अधिक मोर्चा हैं, लेकिन इन दिनों इनमें से ज्यादातर प्रदेश कार्यालय से नदारद हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के मंच पर भी ये कम ही दिखाई पड़ते हैं।

दरअसल, सभी इस ऊहापोह में हैं कि किसकी टीम का हिस्सा बनें।

अगर बाजी पलट जाती है और डॉ. हर्षवर्धन सीएम पद के उम्मीदवार घोषित हो जाते हैं तो उनसे तालमेल बैठाना कठिन होगा। इतना ही नहीं, टिकट की दावेदारी में भी कठिनाई होगी।

दूसरी तरफ यह भी डर सता रहा है कि विजय गोयल प्रदेश अध्यक्ष बने रहते हैं तो भी इसी तरह की परेशानी होगी।

यह स्थिति सोमवार को और साफ हो गई जब विजय गोयल रविवार को हुए हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद मीडिया से मुखातिब हुए।

इससे पहले संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ विधायक, मेयर और पार्षद समेत दूसरे नेता दिखते थे, लेकिन सोमवार को बहुत कम कार्यकर्ता थे।

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