बाली का गुस्सा सातवें आसमान पर, अपने अफसरों को लगाई लताड़

  • बाली का गुस्सा सातवें आसमान पर, अपने अफसरों को लगाई लताड़
मनाली: अपने मनाली दौरे के दौरान मंत्री जी.एस. बाली ने एच.आर.टी.सी. अधिकारियों को लताड़ लगाई। टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने मंत्री को अवगत करवाया कि गर्मियों के सीजन में एच.आर.टी.सी. द्वारा पूरी बस एक ही व्यक्ति को बुक करवा दी जाती थी जिस कारण बस का टिकट 600 की बजाय 900 में बिका। इस पर मंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया और अधिकारियों को आगे से ऑनलाइन टिकट ही बुक करने के आदेश दिए। दूसरी ओर बस स्टैंड में फैली गंदगी को देख कर भी मंत्री का पारा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए और बस स्टैंड में सुंदर से डस्टबिन रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि पर्यटन नगरी मनाली के बस स्टैंड की शीघ्र ही दशा व दिशा सुधारी जाएगी।
मनाली टैक्सी यूनियन ने जताया विरोध
प्रदेश की सबसे बड़ी टैक्सी यूनियन मनाली ने परिवहन मंत्री द्वारा इलैक्ट्रिक बस को हरी झंडी देकर रोहतांग के लिए ट्रायल पर भेजने का विरोध किया है। टैक्सी यूनियन ने प्रदेश सरकार पर लोगों को बेरोजगार करने का आरोप लगाया है। यूनियन के प्रधान राज कुमार डोगरा ने कहा कि वे इलैक्ट्रिक बसों के विरोध में नहीं हैं लेकिन सी.एन.जी. की बजाय इलैक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता देकर सरकार ने टैक्सी आप्रेेटरों के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि आज यूनियन के सभी सदस्य परिवहन मंत्री जी.एस. बाली से मिले और मंत्री को ज्ञापन देकर अपनी समस्याओं के समाधान का आग्रह किया।
डोगरा ने कहा कि प्रदेश सरकार सी.एन.जी. उपलब्ध करवाने में आनाकानी कर रही  है। टैक्सी आपे्रेटर अपने वाहनों में सी.एन.जी. किट लगाने को तैयार हैं लेकिन सरकार सी.एन.जी. की व्यवस्था अभी तक प्रदेश के किसी भी हिस्से में नहीं कर पाई है। उन्होंने मंत्री से मांग की कि जब तक सरकार सी.एन.जी. की व्यवस्था नहीं कर देती तब तक माननीय एन.जी.टी. में मजबूती से पक्ष रखकर टैक्सी आप्रेटरों को राहत दिलाई जाए। डोगरा ने मंत्री से आग्रह किया कि सीजन के दौरान पर्यटक वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए तथा स्थानीय पर्यटक वाहनों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन परमिट सिस्टम से परमिट लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है जिसे भी दुरुस्त किया जाए। उन्होंने आग्रह किया कि ऑनलाइन परमिट की बजाय परमिट मैनुअल किए जाएं ताकि मनमाने दाम लेने वालों पर अंकुश लग सके।

Related posts