बारूद के ढेर पर रोहड़ू

रोहड़ू। दिवाली को लेकर पटाखों की खेप रोहडू़ पहुंच चुकी है। लेकिन नियमों को ताक में रख आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों के गोदाम बने हैं। ऐसे में रोहड़ू कस्बा बारूद के ढेर पर खड़ा है। आवासीय कालोनियों पटाखों का भंडारण किया गया है। यहां पर दमकल के वाहन पहुंचने का रास्ता तक नहीं है। आग की एक चिंगारी भी चंद मिनटों में पूरे कस्बे को खाक कर सकती है। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं।
दिवाली के लिए बाजार में हर दिन लाखों रुपये के पटाखों की खेप पहुंच रही है। दुकानदार आवासीय कालोनियों में स्थित अपनेक घरों से लेकर राशन और अन्य सामान के गोदामों में पटाखों को रख रहे हैं। विस्फोटक रखने के लिए तय मापदंड हैं। लेकिन यहां यह नियम लागू पर नहीं हो रहे। यदि हादसा होता है तो आवासीय कालोनियों को जाने वाले संकरे रास्तों में न तो दमकल दस्ता नहीं पहुंच सकेगा। किसी बड़ी चूक से बारूद पर धमाका होने की भी आशंका बनी रहती है। ऐसे में कस्बे का हर तीसरा घर खतरे में है। एसडीएम कार्यालय और न्यायालय के समीप भी दुकानदारों ने अपने घरों में पटाखे के गोदाम बनाए हुए हैं।
एसडीएम वाईपीएस वर्मा ने कहा कि बाजार में पटाखे चलाना और बेचना पूर्ण प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि दिवाली के दिन पटाखों की बिक्री शिकड़ी नटी के साथ होगी। आबादी वाले क्षेत्रों में अगर पटाखों का भंडारण हुआ है तो उसपर तुरंत कार्रवाई करेगी। पहले की बाजार में पटाखे न रखने के लिए कारोबारियों को सचेत किया गया है।

मॉकड्रिल ने खोली आग बुझाने के दावों की पोल
छोटे बाजार में एक घंटे फंसा रहा दमकल वाहन
रोहड़ू। मॉकड्रिल के में ही आपातस्थिति के दौरान आग बुझाने के दावों की पोल खुल गई। दिवाली से पूर्व रोहड़ू में मंगलवार को चार बजे दमकल दस्ते ने आग बुझाने के लिए पूर्वाभ्यास किया। लेकिन दमकल केंद्र से अस्पताल तक वाहन को एक किलोमीटर में 20 मिनट का समय लग गया।
अस्पताल सड़क अतिक्रमण से बुरा हाल था। दुकानदारों ने सड़क पर सामान सजाया था। इस दौरान दमकल वाहन का साइड शीशा टूट गया। अस्पताल परिसर में वाहन पहुंचा तो वहा पर लोग बेतरतीब वाहनों को खड़ा छोड़कर लापता थे। दमकल के वाहन को मोड़ने के लिए 108 एंबुलेंस को हटाना पड़ा। इस प्रक्रिया में पांच मिनट का समय बीत गया। सड़क पर दमकल वाहन के लिए कहीं पर फोन और बिजली की तारे बाधा बने तो कहीं पर दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण। दमकल वाहन को आधे बाजार का एक चक्कर लगाने में एक घंटे का समय लग गया। चार बजे दमकल केंद्र से चला वाहन ठीक पांच बजे एसडीएम कार्यालय परिसर में पहुंचा। एसडीएम वाईपीएस वर्मा ने बताया कि मॉकड्रील पूरी तरह फेल रहा है। दमकल विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके आधार पर पुलिस और नगर परिषद का सहयोग लेकर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है।

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