
बद्दी/नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ क्षेत्र में जहां रविवार शाम पांच बजे के बाद बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई। वहीं बद्दी इलाके में आंधी आफत साबित हुई। धूल भरी आंधी से जनजीवन बेहाल रहा। आंधी के चलते दुपहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बद्दी के समीप नवांनगर, बरोटीवाला, सांई, मानपुरा आदि स्थानों पर शाम को विवाह समारोह में आंधी ने खलल डाला।
बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ के बाजारों में शाम के समय लगने वाले रेहड़ी फड़ी वालों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। खाने पीने के सामने में धूल और रेत भर गई। बीबीएन में रविवार को अवकाश के दौरान कामगार शाम के समय खरीदारी करने बाजार निकले थे, लेकिन धूल भरी आंधी से उन्हें बिना अस्त व्यस्त हालत में वापस लौटना पड़ा। उधर, तेज आंधी से बागवानों को भी नुकसान उठाना पड़ा। बीबीएन में आम की फसल को काफी क्षति हुई है। बद्दी के बावगान कृ ष्ण कौशल, लक्ष्मणदास और अवतार सिंह ने बताया कि इस बार आम की पैदावार काफी अच्छी थी, लेकिन तेज हवा से आम के बोर झाड़ गए हैं। अभी आम इतने छोटे है न तो उसका आचार न ही चटनी बन सकती है। इस संबंध में कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डा. हंसराज मेहता ने तुफान से नुकसान होने की पुष्टि करते हुए बताया कि आम को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
दूसरी ओर नालागढ़ क्षेत्र में रविवार बाद दोपहर हुई बारिश से लोगों ने भीषण गर्मी से निजात दिलाई। रविवार को अवकाश के दिन इंद्र देव क्षेत्रवासियों पर मेहरबान हुए। राहत की फुहारों ने मौसम का मिजाज खुशगवार बना दिया। क्षेत्र में अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री तक पहुंच गया था और ऐसे में इंद्रदेव के बरसने से अधिकतम तापमान में आई गिरावट आई है।
रविवार बाद दोपहर झमाझम बारिश की झड़ी का लोगों ने खूब आनंद लिया। मई माह के आगाज से ही क्षेत्र में गर्मी बढ़नी शुरू हो गई थी और अपने चरम पर पहुंच गई थी। गर्मी से लोग बेहाल थे। नौणी विवि के पर्यावरण विभाग के एचओडी डा. एसके भारद्वाज ने कहा कि बारिश होने से अधिकतम तापमान में गिरावट आई है।
