
कुल्लू। लंबे अरसे से गरमी की तपिश से झुलस रही कुल्लू घाटी के लोगों को झमाझम बारिश ने राहत दे दी है। वहीं बागवानी के क्षेत्र में अग्रणी कुल्लू के परेशान बागवानों के लिए भी यह बारिश संजीवनी बनकर बरसी है। सोमवार सुबह पौ फटते ही शुरू हुआ बारिश का दौर जिला के बंजार, मनाली, सैंज, आनी तथा निरमंड क्षेत्र में करीब चार घंटे तक जारी रहा।
घंटों तक अच्छी खासी बारिश होने से खेत खलियानों को भी उचित नमी मिली है। तेज धूप से बढ़ते पारे से हो रही सेब और नाशपाती की ड्रापिंग से मुरझाए बागवानों के चेहरों पर बारिश ने रौनक ला दी है। ड्रापिंग की वजह बारिश का न होना बागवानी विशेषज्ञ मान रहे थे। लेकिन सोमवार को हुई बारिश से किसानों और बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं।
गरमी की तपिश से घाटी के लोग दो हफ्ते से खासे परेशान थे। बागवान रोशन लाल, बालकृष्ण, जीत राम, प्रेम चंद और भगत राम, भुंतर इलाके के बागवान केहर सिंह, नूप राम और मेहरू राम ने कहा कि इस बारिश से सेब की अच्छी सेटिंग होने की संभावना जागी है। इसे फलों की हो रही ड्रापिंग के रुकने को भी लाभ मिलेगा। बागवानों के साथ-साथ घाटी के किसानों ने लहसुन और अन्य साग-सब्जी के उत्पादकों के लिए बारिश को संजीवनी माना है। बारिश से अब अच्छी फसल की उम्मीद लगाई जा सकती है। जिला बागवानी उपनिदेशक डा. बीएस राणा तथा बागवानी विभाग बंजार के एचडीओ उत्तम चंद पराशर ने कहा कि यह बारिश बागवानों के लिए संजीवनी बनकर बरसी है।
