बारिश से झड़ गया सेब के फूलों का केसर

रोहडू। क्षेत्र में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ गया है। इन दिनों सेब के बगीचों में फ्लावरिंग की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में सोमवार सुबह से लगातार हो रही बारिश ने बागवानों की उम्मीदों के फूलों को पूरी तरह से धो दिया है। बारिश से फूलों का केसर झड़ गया है। इस कारण परागण प्रक्रिया रुक गई है। तापमान में आई गिरावट से फूलों के विकास की प्रक्रिया पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अगर तापमान में गिरावट यूं ही बनी रही तो सेब की फसल पर संकट पैदा हो सकता है, इससे बागवानों की चिंताएं बढ़ गई है।
दो दिन मौसम साफ रहने के बाद रविवार को सुबह से वर्षा का सिलसिला शुरू हो गया। दिन भर बारिश जारी रही। क्षेत्र में चार से छह हजार फुट की ऊंचाई तक के बगीचों में इन दिनों फ्लावरिंग पूरे योवन पर है। भारी बारिश ने सेब के पौधाें पर निकले फूलों को पूरी तरह से धो दिया है। इसे फलों की अच्छी सेटिंग की आस भी कम हो गई है। हालांकि बागवानों ने बगीचों में परागण के लिए मधुमक्खियों के बक्से लगाए हुए हैं, लेकिन बारिश के बीच मक्खियां परागण के लिए बक्सों से बाहर नहीं आ रही हैं। वर्षा ने फूलों के केसर को खत्म कर दिया है। ठंड की अधिकता के कारण सेटिंग के लिए आवश्यक मित्र कीट भी मर गए हैं। अच्छी फ्लावरिंग के लिए 18 से 25 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान होना आवश्यक है। बागवानी विशेषज्ञ की मानेें तो अगर तापमान में यूं ही गिरावट बनी रही तो सेब की फसल प्रभावित हो सकती है।
क्या कहना है विभाग
उद्यान विकास अधिकारी डा. आगर दास ने बताया कि वर्षा के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है। कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश ने फूलों को धो दिया है। आने वाले दिनों में अगर तामपान में गिरावट रहती है तो मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी फ्लावरिंग प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फोटो सहित।

Related posts