बारिश ने खेतों में बिछा दी गोभी की फसल

कुल्लू। बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। गोभी की फसल खेतों में सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। इससे किसानों की कमर टूट गई है। किसानों के अनुसार आधी से ज्यादा गोभी खेतों में ही सड़ने लगी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल्लू में 617 हेक्टेयर भूमि में उत्पादन होता है। हर वर्ष गोभी से लाखों कमाने वाले किसान गोभी बीज का खर्च भी नहीं निकाल पाए हैं। किसानों ने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है। कुल्लू के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बारिश का दौर चल रहा है।
बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। किसानों के अनुसार उनकी गोभी की फसल 50 फीसदी से अधिक तबाह हो गई है। इसका खासा नुकसान कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के ग्रामीण क्षेत्रों का हुआ है। घाटी में सड़क व्यवस्था न होना भी किसान-बागवानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि घाटी के हुरण, धारला, शराणीबेहड़, शांगचण, टारबाई के साथ-साथ गड़सा घाटी, ऊझी घाटी, बंजार के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश से गोभी अर्ल्टनेरिया रोग की चपेट आग गई है। मणिकर्ण घाटी शांगचण गांव के रमेश ठाकुर, मोहर सिंह, जीवा नंद, यौवन सिंह, हुरण गांव के कर्म चंद, कटोभा गांव ओम प्रकाश, ठाकर चंद, सतीश का कहना है कि गोभी की आधी से ज्यादा फसल खेतों में ही सड़ गई है।
उधर, कृषि विभाग कुल्लू ब्लॉक के एसएमएस शेर सिंह ने किसानों को डायथेन (एम-45), एक लीटर पानी में ढाई ग्राम, कॉपर ऑक्सीकॉलोराइड 25 ग्राम 10 लीटर पानी में और रिडोमिल एमजड 25 ग्राम 10 लीटर पानी घोल कर स्प्रे करने की सलाह दी है। पहले बर्तन में दवाई का घोल कर पेस्ट बनाएं और उसके बाद ड्रम में अच्छी तरह घोलें तथा स्प्रे करें। उधर, जिला कृषि अधिकारी राकेश कुमार कौंडल ने बताया कि इस तरह की शिकायत अभी तक नहीं है, अगर ऐसा है तो मौसम खुलने के बाद विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया जाएगा।

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