
काईस (कुल्लू)। जिले में वन विभाग से एनओसी न मिलने के चलते लटकीं पड़ीं सड़कों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। हाल ही में वन विभाग ने जिले की करीब एक दर्जन सड़कों के निर्माण को हरी झंडी दी है। इन सड़कों का निर्माण होने के बाद जिले के दर्जनों गांवाें के ग्रामीण सड़क सुविधा से जुड़ जाएंगे।
वन विभाग की अनुमति न मिलने से कुल्लू में कई सड़कों का निर्माण कार्य लटका पड़ा है। बंजार घाटी में भी ऐसी कई सड़कें हैं। सड़क न बनने से आज भी ग्रामीणों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। अब सड़कों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। वन विभाग ने कुल्लू से कड़ौण, लोरन से सौली, मियां से शेगलीसेरी, धारा से रुंगा, बबेली से जिंदौड़, क्लाथ से छियाल, जगतसुख से भनारा तथा बंजार घाटी की देहुरी-शिनाड़ – श्रीकोट, गलवाधार-रंभी, विहार-कोठीचैहणी और बठाहड़ से शिल्हशंगुर सड़क को वन विभाग ने फारेस्ट क्लियरेंस दे दी है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जीसी गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वन विभाग से इन सड़कों को मंजूरी मिली है। अब जल्द ही इन सड़कों का निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। बंजार सब डिवीजन के सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि घाटी में आधा दर्जन से अधिक सड़कों की एनओसी वन विभाग से मिल चुकी है। अधिकतर सड़कों के निर्माण में भूमि विवाद सामने आ रहा है।
