बादल फटा, करोड़ों पानी में बहे

केलांग/कोकसर। लाहौल की मयाड़ घाटी में बादल फटने से भारी तबाही मची है। करोड़ों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
बादल फटने से आई बाढ़ से 45 मीटर लंबा करपट पुल, चंगुट में निर्माणाधीन पुल, चार मकान समेत करीब 50 बीघा जमीन बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। चंगुट गांव में पांच मकानों में बाढ़ का मलबा घुस गया। करीब 100 मीटर लंबी सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। लाखों रुपये का हरा मटर और सब्जियां बह गई हैं। प्रशासन ने करीब ढाई करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया है।
भूकंप के झटकों से सहमे घाटी के लोगों पर अब बादल फटने जैसी घटनाओं ने कहर मचाना शुरू कर दिया है। एक सप्ताह के भीतर लाहौल घाटी में बादल फटने से तीन जगहों पर बाढ़ आने से भारी तबाही मची है। देर रात को लाहौल की मयाड़ घाटी में बादल फटने से आई बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने की सूचना मिलते ही उपायुक्त वीर सिंह ठाकुर रात करीब 11 बजे केलांग से मयाड के लिए रवाना हुए। प्रशासन ने आरंभिक जांच में करीब ढाई करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। करीब 6 किलोमीटर पैदल चलकर घटना स्थल पहुंचे उपायुक्त वीर सिंह ठाकुर ने बताया कि बादल फटने से आई बाढ़ से 45 मीटर लंबा करपट पुल, चंगुट में निर्माणाधीन पुल, चार मकान समेत करीब 50 बीघा जमीन बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। चंगुट गांव में पांच मकानों में बाढ़ का मलबा घुस गया है। करीब 100 मीटर लंबी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके अलावा बाढ़ से लाखों का हरा मटर तथा साग-सब्जी भी बह गई है। बताया जा रहा है कि भयंकर बाढ़ से मयाड घाटी में तीन पुलों के साथ ही कई मीटर लंबी सड़क भी बह चुकी है। इससे मयाड घाटी का संपर्क कट गया है। रविवार सुबह विधायक रवि ठाकुर भी मयाड घाटी पहुंच कर नुकसान का जायजा लेने मौके पर पहुंचे।

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