
बंजार (कुल्लू)। जिला की बंजार घाटी के पलम उत्पादकों पर पलम की बंपर पैदावार ही भारी पड़ गई है। मंडियों में पलम का भाव महज चार रुपये प्रतिकिलो चल रहा है। इससे बागवान परेशान हैं। पलम के गिरते दामों के चलते उत्पादकों को उलटा जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
पलम का तुड़ान, भरान तथा मंडियों का किराया जेब से देना पड़ रहा है। पलम के दाम गिरने से बागवान खासे परेशान हैं। पलम का तुड़ान फिलहाल रोक दिया है। लोअर फलोत्पादक संघ के उपाध्यक्ष गणदेव मियां, बागवान यज्ञा चंद, तारा चंद, देवराज और नीरत सिंह ने कहा कि पलम की फसल को तैयार करने के लिए उन्होंने साल भर कड़ी मेहनत की है। लेकिन मंडियों में उचित दाम न मिलने से उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। पलम के तुड़ान, भरान और भाड़ा जेब से देना पड़ रहा है। बंजार घाटी में पलम और नाशपाती का बड़े स्तर पर उत्पादन होता है लेकिन पलम की फसल कम समय तक रहने से इसके दाम गिर गए हैं। अगर सरकार उचित भाव पर नहीं खरीद सकती है तो निजी क्षेत्र को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। आज के दौर में कई कंपनियां जूस के क्षेत्र में काम कर रही हैं। घाटी के फल उत्पादकों ने स्थानीय विधायक से इस मसले को सरकार के समक्ष उठाने तथा इन पर कोई ठोस नीति बनाने की मांग की है।
