बहाना दर्शन, इरादे खौफनाक

ऊना। जिले के धार्मिक स्थलों में हर साल पंजाब के लाखों श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। इसी श्रद्धा की आड़ में कई असामाजिक तत्व आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर देवभूमि को कलंकित कर रहे हैं। जिले में हो रही एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं से लोग सहमे हुए हैं। अभी तक मर्डर, स्नेचिंग, लूटपाट एवं चोरी के मामले में हुए खुलासों में पंजाब के शातिर लोगों की ही अधिकतर संलिप्तता पाई गई है। पुलिस की फाइलों पर नजर दौड़ाएं तो 60 फीसदी से ज्यादा आपराधिक मामलों में पंजाब के लोगों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर हाथ पाया गया। ऐसे कई मामलों में अपराधी मर्डर कर लाश जिले के सुनसान इलाकों में फेंक कर फरार भी हुए।
इस वर्ष जिले भर में हुए हत्याओं के आठ मामलाें में से छह पंजाब के लोगों की ओर से अंजाम दिए गए। पंजाब बार्डर पर सटे जिला ऊना में हर वर्ष चिंतपूर्णी, बाबा बड़भाग, पीरनिगाह में लाखों की तादाद में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं, जिसमें सबसे ज्यादा संख्या पंजाब के लोगों की होती है। वहीं इस साल पुलिस रिकार्ड में दर्ज हुए स्नेचिंग के एक दर्जन मामलों में से एक ही ऐसा सामने आया है, जिसे स्थानीय युवकों ने अंजाम दिया था। अन्य सभी वारदातों में पंजाब के शातिरों की ही संलिप्तता पाई गई, जबकि हिमाचल में लूटपाट और स्नेचिंग कर पंजाब में सोना बेचे जाने के भी मामले सामने आए हैं। पंजाब सीमा पर बसे ऊना जिले में अधिकतर संगीन अपराधों में पंजाब के अपराधियाें का ही हाथ रहा है। वारदातों को अंजाम देने के बाद शातिर वापस पंजाब में घुस कर गायब हो जाते हैं, जिससे कुछ ब्लांइड मर्डर और अनबुझी स्नेचिंग की वारदातें पुलिस के लिए सिरदर्द बनकर रह गई हैं।

सीमाआें पर रहेगी पैनी नजर : एसपी
एसपी अनुपम शर्मा ने भी माना कि ऊना में हो रही वारदातों में से लगभग 60 फीसदी में पंजाब के लोगों का हाथ है। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाएगी, जिससे हर आने जाने वाले पर नजर रखी जा सके।

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