
खराहल (कुल्लू)। प्री मानसून के चलते प्याज बीज का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। बारिश के कारण प्याज के फूल सड़कर जमीन पर गिरने लगे हैं। इसके चलते पौधों पर कम संख्या में बीज तैयार हो रहा है। ऐसे में प्याज का उत्पादन बीस फीसदी कम होने की आशंका जाहिर की जा रही है।
बीज पकने पर अचानक भारी बारिश के चलते प्याज के फूलों के बल्ब सड़ने के कारण कृषकों को तकड़ा झटका लगा है। ऐसे मेें मनमाफिक उत्पादन की उम्मीद पर बैठे किसानों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। इन दिनों घाटी में किसान अपने खेतों में प्याज के बीजों को एकत्रित करने के कार्य में जुटे हैं।
प्याज उत्पादक रोशन, रामनाथ, मोहर ठाकुर, केहर सिंह, योगराज, राजपाल, दीपक आदि ने बताया कि प्री मानसून से प्याज के फूलों में बन रहे बीज को भारी नुकसान हुआ है। अत्यधिक बारिश के चलते फूलों का बल्ब जमीन पर गिर गया है। ऐसे में आशा के अनुरूप फसल होने की उम्मीद कम है।
घाटी में जैन कंपनी ने किसानों को मुफ्त में प्याज के बल्ब आवंटित कर रखे हैं। बीज तैयार होने पर कंपनी किसानों से बीज की खरीद घरद्वार पर ही करती है। हालिया बारिश के चलते गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्याज बीज उत्पादन कम होने की उम्मीद है। जैन कंपनी के प्याज विशेषज्ञ ढाके कहते हैं कि प्री मानसून के कारण प्याज बीज को थोड़ा नुकसान हुआ है। जिला में करीब 500 बीघा भूमि पर प्याज का उत्पादन हो रहा है। उत्पादन बेहतर रहा तो एक बीघा भूमि पर 20 हजार रुपये की कमाई किसान कर सकता है। लेकिन अचानक आए मौसम में बदलाव से इस साल उत्पादन में गिरावट आने के आसार हैं।
