बरसात ने नगर कौंसिल के प्रबंधों की पोल खोली

बरनाला (सिंधवानी): पिछले लगभग 1 सप्ताह से पड़ रही अथाह गर्मी व तपश ने शहरवासी लोगों का जीवन ही दुश्वार करके नहीं रखा बल्कि पशु-पक्षी व फसल भी इसकी मार में आ रही थी। धान को भारी तपश ने अपनी लपेट में लेना शुरू कर दिया था व कपास व अन्य सब्जियों आदि पर काफी प्रभाव पड़ रहा है परंतु आज सुबह लगभग डेढ़ घंटा बरसात ने शहरवासियों व किसानों के चेहरों पर खुशी व रौनक ला दी है।

वहीं इस वर्षा ने नगर कौंसिल के प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी। इस बरसात से कालेज रोड, कच्चा कालेज रोड, सेखा रोड, पत्ती रोड, रामबाग रोड व सदर बाजार के साथ लगती गलियों आदि में पूरी तरह जल-थल हो गया। हर तरफ लगभग डेढ़ फुट से 2 फुट तक शहर में घूमते बरसाती पानी में से गुजरने वाले वाहनों को भी अपनी लपेट में ले लिया। वहां इस बरसाती पानी में से गुजर रहे पैदल व्यक्तियों के हाथ में बूट-चप्पल आदि भी देखी गई।

पत्ती रोड व सेखा रोड की टूटी हुई सड़कों के कारण इस बरसात ने वहां की हालत बद से बदतर बनाकर रख दी है। दूसरी तरफ किसानों के चेहरों पर लाली छाई हुई है क्योंकि इस बरसात से जहां धान की फसल को लग रही बीमारियों से भारी राहत मिलेगी, वहीं कपास तथा अन्य फसलों व सब्जियों आदि को गर्मी से भारी राहत मिली है।

लोगों का कहना है कि यदि बरसातों से पहले गंदे नाले की सफाई करवाई होती तो आज पैदा हुई इस मुसीबत से दो-चार न होना पड़ता क्योंकि इसके ओवरफ्लो होने से कालेज रोड पर ही नहीं बल्कि पटेल नगर, कच्चा कालेज रोड पर भी कई घरों व दुकानों में पानी प्रवेश करता देखा गया। यहां तक कि सिविल अस्पताल के एमरजैंसी के बाहर भी भारी मात्रा में पानी खड़ा हुआ था।

‘ब्यूरो’ के अनुसार श्रावण महीने की पहली बरसात ने जहां लोगों को गर्मी से राहत प्रदान की है। वहीं धान की पानी की कमी को काफी हद तक कम कर दिया है। बिजली की बढ़ी मांग की पूर्ति के लिए पावर कॉम को भी बरसात से काफी सहारा मिला नजर आता है क्योंकि पिछले काफी समय से गर्मी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया था। साथ ही इस गर्मी से बीमारियों में वृद्धि होने से मरीजों की संख्या में हो रही वृद्धि भी घटने के आसार हैं।

पंजाब भर में हुई बरसात ने किसानों को महंगे भाव के डीजल से धान को पानी देने का खर्चा घटा दिया है। इन दिनों में किसानों को धान के लिए अधिक से अधिक बिजली की जरूरत होती है व रिहायशी इलाकों में भी गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ जाती है जो इस वर्षा ने काफी हद तक दूर कर दी है।

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