
मैहतपुर (ऊना)। बनगढ़ की शिवालिक पहाड़ी पर स्थित भारतीय रिजर्व बटालियन में तैनात जवानों एवं उनके परिजनों के मनोरंजन के लिए मैहतपुर साहित्य एवं विचार मंच के सौजन्य से गजल संध्या का आयोजन किया गया। बटालियन के कमांडेंट डा. डीके चौधरी के नेतृत्व में हुई इस गजल संध्या में एसपी ऊना अनुपम शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। पंजाब के नंगल से आए युवा गजल गायक सुनील डोगरा ने कई नई एवं पुरानी गजलें सुनाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। गजल संध्या में हिमाचल एवं पंजाब से आए कई कवियों ने अपनी कविताओं के जरिए न केवल समाज के ताने बाने पर चोट की, बल्कि समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए पुलिस एवं लेखक वर्ग के ईमानदार प्रयासों की भी तारीफ की। सुनील डोगरा ने गजल संध्या का आगाज धार्मिक गीत ‘तू ही जग दाता तू ही विधाता’ सुनाकर किया। इसके बाद गुलाम अली की गाई गजल ‘हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह’ जगजीत सिंह की ‘तुम को देखा तो यह ख्याल आया’ शिव कुमार बटालवी की ‘मैंनू तेरा शबाव ले बैठा’ सुनकर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए। इसके बाद सुनील डोगरा ने ‘सब को मालूम है, मैं शराबी नहीं’ तथा ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’ सुनाकर वाहवाही लूटी। गजल संध्या में मैहतपुर साहित्य एवं विचार मंच के अध्यक्ष एवं कवि प्रो. योगेश सूद, पंडित अंबिका दत्त, एसडी सहोड़, राणा शमशेर सिंह, पंजाब के कवियों राकेश वर्मा, संजीव कुरालिया तथा डीके शर्मा ने कविताओं के माध्यम से पुलिस जवानों का खूब मनोरंजन किया। इस मौके पर डा. डीके चौधरी, एसपी अनुपम शर्मा, डिप्टी कमांडेंट सुरेंद्र शर्मा, डीएसपी सुरेंद्र शर्मा व प्रसिद्ध समाजसेवी राकेश नैय्यर भी मौजूद रहे।
तनाव में भी सुकून पहुंचाता है संगीत : एसपी
जिला पुलिस अधीक्षक अनुपम शर्मा ने गजल संध्या के समापन पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में सेवारत अधिकारियों और कर्मचारियों की बेहद सख्त ड्यूटी से अकसर तनाव की परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं। निश्चित तौर पर ऐसे में इस तरह का संगीत मन को सुकून पहुंचाता है। उन्होंने आईआरबी बटालियन के कमांडेंट डा. डीके चौधरी, मैहतपुर साहित्य मंच तथा समाजसेवी राकेश नैय्यर को इस तरह के आयोजन की बधाई दी।
