
संगरूर: पानी के मसले, पंजाबी बोलते इलाको और चंडीगढ़ को पंजाब में शामिल करवाने के लिए हुए राजीव -लोंगोवाल समझोते में एहम भूमिका निभाने वाले और पंजाब की खातिर कुर्बानी देने वाले संत हरचंद सिंह लोंगोवाल का परिवार समय समय की अकाली सरकार की अनदेखी का शिकार रही है। संत के करीबी रिश्तेदारों की माने तो सरकार अब तक उनकी किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं की। इस दौरान उन्होंने सरकार से नौकरी की मांग की है।
फिलहाल, 20 अगस्त को संगरूर के लोंगोवाल में एक बार फिर से संत के शहीदी दिवस पर बड़ा समारोह होने जा रहा है जहाँ बड़े बड़े राजसी नेता राजसी रोटियां सेकने पहुंचेंगे और सेक कर चलते बनेंगे। लेकिन शहीद संत का परिवार एक बार फिर से अगले साल का इंतज़ार करेगा कि शायद अगले साल कोई ऐसा चमत्कार हो कि उन्हें भी कोई पूछे और उन्हें भी शहीद संत को श्रदांजलि देने का मौका मिले।
