
थानाकलां (ऊना)। क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोग परेशान तो थे ही, लेकिन अब बंदरों ने घरों से छोटे बच्चों को उठाना भी शुरू कर दिया है। सोमवार को कोहटली में एक बंदर ने दो वर्षीय विश्वास सोनी पुत्र विनोद सोनी को आंगन से उठा लिया। वह आंगन में खेल रहा था। कुछ दूरी तक बंदर बच्चे को उठाकर ले गया। जैसे ही बच्चे की मां ने चिल्लाना शुरू किया तो बंदर ने बच्चे को खेतों में फेंक दिया। इससे बच्चे को चोटें आई हैं। हालांकि बंदर ने बच्चे को काटा नहीं है। इस कारण उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। आमजन का कहना है कि बंदरों की नसबंदी कर विभाग उन्हें रिहायशी क्षेत्रों में छोड़ रहा है। इससे उनको मुसीबतों से दो चार होना पड़ रहा है। ग्रामीण विनय, राकेश कुमार, बख्शी राम, रूप लाल, रोशन लाल, प्रीतम चंद, मेहर चंद, प्रकाश चंद और कुलदीप चंद का कहना है कि नसबंदी केंद्र खोलने के बावजूद उन्हें अपनी फसलों की देखभाल करनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि नियमानुसार बंदरों की नसबंदी कर उन्हें वहीं छोड़ा जाता है जहां से उन्हें पकड़ा गया हो। वन विभाग नियम का उल्लंघन कर रहा है और बंदरों को रिहायशी इलाकों में ही छोड़ा जा रहा है। जिसके कारण बंदरों ने मक्की की फसल को आधे से ज्यादा नुकसान पहुंचा दिया है।
कोट्स…….
मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। अगर गांव में बच्चे को बंदर ने घायल किया है तो जल्द ही छानबीन करके उचित कार्रवाई की जाएगी।
-किशोरी लाल, वन खंड अधिकारी हटली वन परिक्षेत्र
