
बंदरोल (कुल्लू)। बंदरोल सब्जी मंडी में उत्पाद न खरीदे जाने से भड़के किसानों और बागवानों ने मंगलवार को बंदरोल हाइवे पर करीब डेढ़ घंटे तक चक्का जाम किया। इस कारण हाईवे के दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं जिससे हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
जानकारी के मुताबिक बंदरोल सब्जी मंडी में सेब और अन्य सब्जियों तथा फल खरीदने पहुंचे व्यापारियों ने दोहरी फीस वसूली का विरोध करते हुए माल न खरीदने का फैसला किया। किसान और बागवान, व्यापारियों को माल खरीदने के लिए मनाते रहे लेकिन जब व्यापारी नहीं माने और मंडी समिति का कोई भी अधिकारी साढ़े नौ बजे तक मौके पर नहीं पहुंचा तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद किसानों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। नेशनल हाइवे-21 पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। चक्का जाम के दौरान किसानों और बागवानों को किसान सभा के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवराज नेगी ने संबोधित किया। इस दौरान कुल्लू फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष गोपाल सिंह, फलेश्वर दास, कुल्लू फल उत्पादक संघ पतलीकूहल के अध्यक्ष महेंद्र उपाध्याय और फल उत्पादक संघ के पूर्व अध्यक्ष धर्मवीर धामी ने भी किसानों और बागवानों को संबोधित किया। साथ ही उनकी मांगों को हल करवाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में विश्वनाथ, देवी सिंह, लाल चंद, शिशुपाल, रामनाथ और देशपाल समेत सैकड़ों किसानों और बागवानों ने भाग लिया। इसी दौरान तहसीलदार एसपी जसवाल और एपीएमसी के सचिव प्रकाश कश्यप भी मौके पर पहुंचे। आश्वासन पर व्यापारी माल खरीदने को तैयार हो गए और किसानों का गुस्सा भी शांत हो गया। किसानों और बागवान करीब 11 बजे हाईवे से हट गए। तहसीलदार एसपी जसवाल ने बताया कि व्यापारियों को अब पर्ची न काटने का आश्वासन दिया है।
