बंजार में तीन मंजिला मकान राख

बंजार (कुल्लू)। बंजार घाटी के वशीर गांव में पांच कमरों का तीन मंजिला मकान जलकर राख हो गया। इसमें भेड़-बकरियां भी आग की भेंट चढ़ गई हैं। आग इतनी भयानक थी कि पीड़ित परिवार के सदस्य सामान तक बाहर नहीं निकाल सके। आग उस समय भड़की जब घर के सदस्यों सहित गांव के लोग शादी समारोह में व्यस्त थे। मिली जानकारी के अनुसार निचला वशीर गांव में तीन मंजिला मकान में भड़की आग से मकान में संयुक्त रूप से रहने वाले आठ परिवार बेघर हो गए। इस तीन मंजिला मकान में पूर्णचंद, सेस राम और केहर सिंह पुत्र आलम चंद, तेजा सिंह पुत्र खीमा राम, विमला देवी पत्नी देवराज, चंद्रवल्व और विनोद कुमार पुत्र बेली राम, वेदराम पुत्र उदय राम का नौ कमरों वाला मकान वीरवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच भयानक आग की भेंट चढ़ गया। सूचना मिलते ही बंजार पुलिस का दल मौके की ओर रवाना हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक आग इतनी भयानक थी कि इन आठ परिवारों के संयुक्त मकान को भीषण अग्निकांड से बचाने में जुटे दर्जनों ग्रामीणों के प्रयास असफल साबित हुए। ग्रामीणों के मुताबिक आग में इन परिवारों की जीवन भर की कमाई जल कर राख के ढेर में समा गई। तीन मंजिला मकान के साथ इन परिवारों की गौशाला भी जल गई और गौशाला में रखा पशुओं का चारा भी आग की भेंट चढ़ गया। सुबह के समय पशुओं को चरने के लिए खुले में छोड़ दिया गया था तो उन की जान बच गई। वहीं, इसी परिवार के सदस्य सेस राम पुत्र आलम चंद के अलग बने एक मकान को बचाने के लिए छत और बरामदा को उखाड़ना पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक पानी की समस्या के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका और सड़क मार्ग से अधिक ऊंचाई होने के कारण दमकल विभाग वहां नहीं पहुंच सकता था। अनुमान लगाया जा रहा है कि 85 साल पुराने काष्ठकुणी शैली से बने मकान और इन परिवारों की जीवन भर की कमाई पल भर में राख हो गई। तहसीलदार रमन घरसंगी ने बताया कि आगजनी में हुए नुकसान के आकलन के लिए प्रशासन की ओर से टीम को भेजा गया है। आगजनी के पीड़ित परिवारों को फौरी राहत दी जा रही है।

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