
बंजार (कुल्लू)। जिला की बंजार घाटी के लोगों को बसों में सफर करना जोखिम भरा हो गया है। घाटी के 75 रूटों पर केवल दस बसों को ही दौड़ाया जा रहा है। ये बसें भी अपने समय अवधि को पूरा कर चुकी हैं। घाटी के अति दुर्गम बंजार-बठाहड़, बंजार-सुधराणी, बंजार-गुल्वाहधार, बंजार-थाटीबीड-जौरी, बंजार-गाड़ागुशैणी-खौली आदि रूटों पर इन खटारा बसों की सेवाएं ली जा रही हैं। कई बार अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही ये बसें आधे रास्ते में ही हांफ जाती हैं। घाटी निवासी शेर सिंह, पदम देव, मोहर सिंह, राजू तथा टिकम राम ने कहा कि घाटी के रूटों पर चल रही निगम की बसों की हालत काफी दयनीय है। इन्होंने कहा कि घाटी के 75 रूटों पर केवल दस बसों को ही चलाया जा रहा है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बसों में लोग किस कदर सफर करते हैं। इन लोगों का कहना है कि कम बसें और ज्यादा रूट होने से इलाके के लोग बसों की छतों पर सफर करने के लिए मजबूर हैं। सरकार को बंजार क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए बसों की संख्या के साथ-साथ नई बसों को चलाना भेजना चाहिए। उधर, आरएम कुल्लू पवन कुमार शर्मा ने कहा कि समस्या जल्द दूर कर दी जाएगी। नई बसें मिलने पर बंजार को भी नई बसें भेजी जाएंगी।
