
ऊना। बंगाणा में बेचे सिम कार्ड नंबर से पंजाब में फिरौती मांगी गई है। इसका पता तब चला जब पटियाला (पंजाब) पुलिस नेे ऊना में दबिश देकर टेलीकॉम कंपनी में कार्यरत युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि इसी युवक के हाथों बिकी एक सिम के तार पंजाब में फिरौती मांगने के केस से जुड़े हैं। हालांकि यह मामला कब का है, इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पटियाला पुलिस ने पूछताछ के बाद युवक को वापस भेज दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के मामलों की जांच होने पर कई सनसनीखेज मामले सामने आने की उम्मीद है। हालांकि, ऊना में मोबाइल सिम फर्जीवाड़ा काफी पुराना है। बरसों पहले स्वर्ग सिधार चुके लोगों के नाम से भी दर्जनों मोबाइल कनेक्शन जारी किए गए हैं, लेकिन सेल्युलर कंपनियों और रिटेलरों को पूछने वाला कोई नहीं है। मुनाफा कमाने के चक्कर में मोबाइल कंपनियां और उनके अधिकारी किस हद तक लोगों की सुरक्षा से समझौता कर रहे हैं, इसका खुलासा हाल ही में सामने आए पंजाब के इस फिरौती मामले से हुआ है। जिसमें पंजाब पुलिस ने स्थानीय पुलिस की भी मदद ली है। सदर थाना के एसएचओ केएल बैरी ने बताया कि पंजाब पुलिस की टीम इस सिलसिले में ऊना पहुंची थी। टीम ने टेलीकॉम कंपनी में कार्यरत एक युवक को तलब किया था। जिसे पूछताछ के लिए पटियाला ले जाया गया था। उन्होंने बताया कि मामला फिरौती से जुड़ा बताया गया है। मोबाइल सिम बेचने के फर्जीवाड़े को स्थानीय स्तर पर भी जल्द खंगाला जाएगा। जिससे इस गोरखधंधे पर लगाम कसी जा सके।
ऊना के नाम पर पाई गई थीं विदेशियों की सिमें
मोबाइल सिम कार्ड फर्जीवाड़े से ऊना का पुराना नाता है। 80 वर्षीय वृद्धा के नाम पर दर्जनों कनेक्शन जारी करने का मामला हो या किसी कर्मचारी के नाम पर छह सिम कार्ड जारी करने का, ऊना में मुनाफा कमाने के चक्कर में राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने में रिटेलर पीछे नहीं रहे हैं। पिछले वर्ष मंडी के जोगिंद्रनगर में दबोचे गए विदेशियों के पास भी बरामद की गई मोबाइल सिमें भी ऊना के लोगों के नाम पर ही पाई गई थीं।
