
नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव को देखते हुए दिल्ली सरकार फ्लैट्स मालिकों के लिए एक नया तीर छोड़ने की तैयारी में है। फ्लैट्स में एक अतिरिक्त मंजिल जोड़ने के लिए अन्य फ्लैट्स मालिकों से एनओसी की अनिवार्यता खत्म करने के लिए नई पॉलिसी लाने पर विचार कर रही है। हालांकि उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना ने दिसंबर, 2012 में एमसीडी को सुरक्षा मानकों और भवन योजना को देखने के बाद बिना एनसीओ के निर्माण की मंजूरी देने के निर्देश दिए थे, लेकिन एमसीडी उसे अभी नहीं मान रही है। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली सरकार ने वर्तमान जरूरतों को देखते हुए सात साल पहले केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। अभी तक उस पर कार्रवाई नहीं हुई है। दरअसल, मास्टर प्लान व भवन उपनियमों में बदलाव के बिना एनओसी की बाध्यता नहीं हटाई जा सकती। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, एमसीडी ने उपराज्यपाल का निर्देश स्पष्ट नहीं होने का हवाला देकर मानने से इनकार कर दिया था। एमसीडी ने एनओसी की मनाही के साथ सुझाव की स्वतंत्रता दी है। उसी को ध्यान में रखकर तीसरी मंजिल बनाने की मंजूरी देने में पारदर्शिता वाली नीति पर सरकार काम कर रही है। नई नीति में ऐसी दिक्कतें दूर होंगी, लेकिन मंजूरी उसी मकान को मिलेगी, जो सुरक्षा के मानकों पर खरा उतरेगा। एमसीडी ने उपराज्यपाल के निर्देश नहीं मानने के पीछे तर्क दिया है कि पार्किंग की जगह, प्लॉट में हिस्सेदारी और सेवाओं के लेकर बाकी की सहमति जरूरी है। एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि बिना एनओसी एक मंजिल अतिरिक्त बनाने की छूट मास्टर प्लान व भवन उपनियमों में बदलाव के बाद दी जा सकती है। मास्टर प्लान में भूतल व तीन अन्य मंजिल निर्माण की छूट देने के साथ ही 2007 में अधिकतम 12 मीटर की बजाय 15 मीटर तक ऊंचाई की छूट दे रखी है। मुख्य सचिव डीएम सपोलिया कहते हैं कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए आसान नीति पर काम कर रही है। बिना एनओसी तीसरी मंजिल की छूट देने के लिए मास्टर प्लान 2021 और भवन उपनियम में बदलाव की जरूरत है। सरकार इस पहलू को देख रही है कि क्या किसी विशेष फैसले से एनओसी से छूट दी जा सकती है।
